बिहार में रेलवे का बड़ा बदलाव! ₹10,000 करोड़ का बजट, नई ट्रेनें और 1.15 लाख करोड़ की परियोजनाएं

Bihar Railway Development 2026: ₹10,000 करोड़ का बजट, नई ट्रेनें और मेगा स्टेशन अपग्रेड
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Bihar Railway Development 2026: केंद्र सरकार ने बिहार के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने के लिए इस बार ₹10,000 करोड़ से ज्यादा का बजट आवंटित किया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पटना में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बिहार में लगभग ₹1.15 लाख करोड़ की रेलवे परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

नए स्टेशन, आधुनिक सुविधाएं, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और नई ट्रेन सेवाओं के जरिए यात्रियों का सफर पहले से कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक बनने वाला है। जानिए बिहार रेलवे विकास की पूरी योजना और इसका असर।

1.15 लाख करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं से बदलेगी बिहार की तस्वीर

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में रेलवे विकास को नई रफ्तार मिली है और कई बड़े प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

रेल मंत्रालय के मुताबिक,

राज्य में इस समय करीब 1.15 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनका मकसद रेल नेटवर्क का विस्तार करना, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना और माल ढुलाई को अधिक आसान बनाना है।

माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न सिर्फ बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

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पटना समेत बिहार के स्टेशनों का होगा आधुनिकीकरण

पटना और आसपास के इलाकों में लगातार बढ़ रहे रेल यातायात को देखते हुए रेलवे अब अपनी क्षमता बढ़ाने में जुट गया है। रेल मंत्री के अनुसार,

हार्डिंग पार्क इलाके में पांच नए प्लेटफॉर्म वाला आधुनिक रेलवे स्टेशन तैयार किया जा रहा है, जहां तेजी से विकास कार्य चल रहा है। इसके साथ ही पटना के पास फतुहा क्षेत्र में भी कई अहम रेलवे परियोजनाओं पर काम हो रहा है।

इन योजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, ट्रेनों का संचालन और सुचारु होगा तथा आने-जाने में पहले से कहीं ज्यादा आसानी होगी।

हार्डिंग पार्क स्टेशन बनेगा पटना के यात्रियों के लिए बड़ी राहत

पटना में बढ़ती रेल यात्राओं और यात्रियों की संख्या को देखते हुए हार्डिंग पार्क स्टेशन का विकास काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे पटना जंक्शन पर पड़ने वाला दबाव कम होगा और ट्रेनों का संचालन पहले से ज्यादा सुचारु तरीके से हो सकेगा। यात्रियों को बेहतर प्लेटफॉर्म, आधुनिक सुविधाएं और अधिक विकल्प मिलेंगे, जिससे सफर आसान बनेगा।

साथ ही आने वाले वर्षों की रेलवे जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त रेल ढांचा भी तैयार किया जाएगा। बता दें कि पटना देश के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शनों में गिना जाता है, इसलिए नया स्टेशन और अतिरिक्त प्लेटफॉर्म रेलवे व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

छपरा से दिल्ली के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेन का ऐलान

बिहार के लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। रेल मंत्री ने छपरा से दिल्ली के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की घोषणा की है, जिसका इंतजार क्षेत्र के लोग लंबे समय से कर रहे थे। इस फैसले का स्वागत करते हुए सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि नई ट्रेन शुरू होने से छपरा समेत पूरे इलाके के यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।

अब तक कई लोगों को दिल्ली जाने के लिए सीधी ट्रेन न मिलने पर सोनपुर या वाराणसी जैसे स्टेशनों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन नई सेवा शुरू होने के बाद यात्रा पहले से ज्यादा आसान और आरामदायक हो जाएगी। खासकर नौकरी, पढ़ाई, कारोबार और अन्य जरूरी कामों के लिए दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को इसका बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

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बिहार बना रेलवे इंजन निर्यात का नया केंद्र

बिहार अब सिर्फ रेलवे परियोजनाओं का फायदा उठाने वाला राज्य नहीं रहा, बल्कि रेलवे निर्माण के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि,

बिहार के मढ़ौरा स्थित कारखाने में तैयार किए गए लोकोमोटिव इंजन अब विदेशों तक पहुंच रहे हैं और आज यहां बना 51वां इंजन अफ्रीकी देश गिनी को निर्यात किया जाएगा।

यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की सफलता के साथ-साथ बिहार की बढ़ती औद्योगिक ताकत को भी दिखाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि,

अगर इसी तरह उत्पादन और निर्यात बढ़ता रहा तो बिहार आने वाले समय में रेलवे निर्माण और इंजीनियरिंग का बड़ा केंद्र बन सकता है।

वहीं बिहार रेलवे बजट के तहत 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश और 1.15 लाख करोड़ रुपये की चल रही परियोजनाओं से राज्य के रेलवे ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पटना में नए स्टेशन और प्लेटफॉर्म, छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस जैसी नई ट्रेन सेवाएं और मढ़ौरा से इंजन निर्यात जैसी उपलब्धियां साफ संकेत दे रही हैं कि बिहार रेलवे विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।

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