महिंद्रा ने फिर दिखाई दमदार रफ्तार, Q1 में 3,685 करोड़ रुपये का मुनाफा, SUV और ट्रैक्टर बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

Mahindra Q1 FY27 Result: SUV की जबरदस्त बिक्री और ट्रैक्टर कारोबार की मजबूत मांग ने महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार बढ़त दिलाई है। कंपनी का मुनाफा 3,685 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि राजस्व में 23% की बड़ी छलांग दर्ज की गई। इसके साथ ही कंपनी ने EV, नई SUV और उत्पादन क्षमता बढ़ाने को लेकर भी बड़े प्लान का खुलासा किया है।
SUV की मांग ने बढ़ाया मुनाफा, 3,685 करोड़ रुपये पहुंचा नेट प्रॉफिट
महिंद्रा ने 30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ (Net Profit) 7 प्रतिशत बढ़कर 3,685 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 3,450 करोड़ रुपये था।
सिर्फ मुनाफा ही नहीं, कंपनी की कमाई भी तेजी से बढ़ी। अप्रैल में कीमतें बढ़ाने के बावजूद ग्राहकों ने महिंद्रा की SUV खरीदना जारी रखा। इसी वजह से कंपनी का राजस्व 23% बढ़कर 41,920 करोड़ रुपये पहुंच गया। इससे साफ है कि महिंद्रा की लोकप्रियता पर कीमतों का ज्यादा असर नहीं पड़ा।
SUV और ट्रैक्टर बिक्री ने बढ़ाया महिंद्रा का कारोबार
महिंद्रा की सबसे बड़ी ताकत उसकी SUV और ट्रैक्टर श्रेणी रही। पहली तिमाही में कंपनी की ऑटोमोटिव बिक्री 23 प्रतिशत बढ़कर 3,04,421 यूनिट तक पहुंच गई। वहीं ट्रैक्टरों की बिक्री में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई और कुल 1,58,041 ट्रैक्टर बेचे गए।
यूटिलिटी व्हीकल (SUV) की बिक्री भी सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.75 लाख यूनिट रही। ऑटोमोटिव कारोबार से कंपनी का राजस्व 24.38 प्रतिशत बढ़कर 31,033.45 करोड़ रुपये हो गया। वहीं फार्म इक्विपमेंट बिजनेस से राजस्व 19.16 प्रतिशत बढ़कर 10,946.63 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 9,186 करोड़ रुपये था।
कंपनी के ऑटो और फार्म सेक्टर के CEO राजेश जेजुरिकर ने कहा कि,
पहली तिमाही में ऑटो और ट्रैक्टर दोनों कारोबार ने मजबूत प्रदर्शन किया। SUV राजस्व बाजार हिस्सेदारी में 50 बेसिस पॉइंट और 3.5 टन से कम वाले हल्के कमर्शियल वाहनों की बाजार हिस्सेदारी में 150 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई।
उन्होंने बताया कि XEV 9S भारत में बिक्री के आधार पर सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक वाहन बनी, जबकि ट्रैक्टर कारोबार की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 44.9 प्रतिशत पहुंच गई।
शेयर बाजार ने भी दिया सकारात्मक संकेत
तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों ने भी कंपनी पर भरोसा दिखाया। 30 जुलाई को दोपहर कारोबार के दौरान M&M का शेयर करीब 1.3% की तेजी के साथ 3,262 रुपये पर पहुंच गया। मजबूत नतीजों और भविष्य की विस्तार योजनाओं को बाजार ने सकारात्मक संकेत माना।
बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी महिंद्रा
महिंद्रा आने वाले वर्षों की बढ़ती मांग को देखते हुए अपनी उत्पादन क्षमता में बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की योजना है कि वित्त वर्ष 2027 के अंत तक पेट्रोल और डीजल इंजन वाली SUV की मासिक उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 70,000 यूनिट कर दी जाए। सितंबर 2026 तक इसे 60,000 यूनिट प्रति माह तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके बाद क्षमता में और बढ़ोतरी की जाएगी ताकि वित्त वर्ष 2028 में लॉन्च होने वाले नए मॉडलों की मांग को आसानी से पूरा किया जा सके।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के क्षेत्र में भी कंपनी तेजी से निवेश कर रही है। वित्त वर्ष 2027 के अंत तक EV उत्पादन क्षमता 12,000 यूनिट प्रति माह तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि सितंबर 2026 तक यह क्षमता 8,000 यूनिट प्रति माह होगी। इसके साथ ही यात्री वाहन (Passenger Vehicle) श्रेणी की कुल उत्पादन क्षमता 21 प्रतिशत बढ़कर 82,000 यूनिट प्रति माह हो जाएगी, जिसे वित्त वर्ष 2028 के अंत तक 92,000 यूनिट प्रति माह तक ले जाने की तैयारी है।
नागपुर में ग्रीनफील्ड प्लांट लगाएगी महिंद्रा
महिंद्रा ने भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए नागपुर में एक नए ग्रीनफील्ड प्लांट की भी घोषणा की है। इस प्लांट से वित्त वर्ष 2030 की पहली छमाही तक करीब 20,000 यूनिट प्रति माह की उत्पादन क्षमता शुरू होगी। इसके बाद वित्त वर्ष 2031 की पहली छमाही तक इसमें लगभग 20,000 यूनिट प्रति माह की अतिरिक्त क्षमता भी जुड़ जाएगी।
कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2031 के बीच अपनी कुल उत्पादन क्षमता लगभग दोगुनी करना है। लगातार बढ़ती SUV और ट्रैक्टर बिक्री, इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ता फोकस और नए प्लांट में निवेश यह संकेत देता है कि महिंद्रा आने वाले वर्षों में भारतीय ऑटो बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।




