मारुति बलेनो या टोयोटा ग्लांजा, किसकी EMI पड़ेगी कम? खरीदने से पहले जानें पूरा हिसाब

Baleno Facelift vs Glanza EMI: मारुति सुजुकी की नई Baleno facelift और Toyota Glanza एक ही प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में खरीदारों को आकर्षित करती हैं। लेकिन जब बात EMI की आती है, तो दोनों के बीच कितना अंतर सामने आता है? 36 महीने की अवधि, 9.5 प्रतिशत ब्याज और 100 प्रतिशत एक्स-शोरूम लोन के हिसाब से जानिए किस कार की अनुमानित EMI कम है और खरीदारी से पहले किन जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए।
Baleno और Glanza में क्या है कनेक्शन?
Maruti Suzuki Baleno और Toyota Glanza को देखकर भले ही दोनों अलग-अलग कंपनियों की कारें लगती हैं, लेकिन इनके बीच सीधा कनेक्शन है। Toyota Glanza को Maruti Suzuki Baleno के रीबैज्ड वर्जन के तौर पर तैयार किया गया है। दोनों कंपनियों के बीच मॉडल और टेक्नोलॉजी शेयरिंग की पार्टनरशिप के तहत Glanza को Baleno के ही बेस पर विकसित किया गया है।
यही वजह है कि दोनों कारों में कई चीजें एक जैसी देखने को मिलती हैं। इनके प्लेटफॉर्म, आकार और कई मैकेनिकल हिस्सों में काफी समानता है। इंजन और गियरबॉक्स सेटअप भी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसी तरह दोनों कारों के केबिन और फीचर्स में भी कई समानताएं मिलती हैं।
हालांकि, Toyota ने Glanza को अपनी ब्रांड पहचान देने के लिए इसके एक्सटीरियर डिजाइन में कुछ बदलाव किए हैं। फ्रंट ग्रिल, बंपर और लाइटिंग जैसे हिस्सों में Toyota की अलग स्टाइलिंग देखने को मिलती है। इसके अलावा दोनों कारों की कीमत, वेरिएंट और वारंटी में भी अंतर हो सकता है।
दूसरी तरफ, Maruti Suzuki ने अब Baleno facelift को नए डिजाइन, अपडेटेड फीचर्स और नए इंजन के साथ लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹5.99 लाख रखी गई है। Baleno का मुकाबला प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में Tata Altroz और Hyundai i20 जैसी कारों से होता है।
नई Baleno facelift के आने के बाद अब Toyota Glanza के संभावित अपडेट पर भी नजर है। हालांकि, Toyota ने अभी तक Glanza facelift को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में फिलहाल दोनों कारों के बीच तुलना करते समय मौजूदा मॉडल और उपलब्ध जानकारी को ही आधार माना जाना चाहिए।
दोनों कारों की EMI में कितना अंतर?
अगर आप इन दोनों कारों में से किसी एक को खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सिर्फ एक्स-शोरूम कीमत देखना पर्याप्त नहीं है। कार खरीदने में हर महीने जाने वाली EMI भी आपके बजट पर असर डालती है। इस तुलना के लिए दोनों कारों के बेस वेरिएंट को आधार बनाया गया है।
Maruti Suzuki Baleno के लिए Sigma Petrol MT और Toyota Glanza के लिए E MT वेरिएंट लिया गया है। गणना में दोनों कारों की एक्स-शोरूम कीमत का 100 प्रतिशत लोन माना गया है। ब्याज दर 9.5 प्रतिशत रखी गई है और लोन चुकाने की अवधि 36 महीने यानी तीन साल मानी गई है।
इस हिसाब से Maruti Suzuki Baleno की अनुमानित मासिक EMI ₹19,185 आती है। वहीं Toyota Glanza के लिए हर महीने करीब ₹21,558 की EMI बनती है। इस उदाहरण में Glanza की मासिक EMI Baleno से ₹2,373 ज्यादा है। तीन साल की अवधि में यह अंतर कुल भुगतान पर भी असर डाल सकता है।
EMI पर कार खरीदने से पहले इन बातों पर ध्यान दें
Baleno और Glanza की EMI की यह तुलना 36 महीने की लोन अवधि, 9.5 प्रतिशत ब्याज दर और 100 प्रतिशत एक्स-शोरूम कीमत के लोन के आधार पर की गई है। हालांकि, किसी ग्राहक की वास्तविक EMI इससे अलग हो सकती है। डाउन पेमेंट, लोन की रकम, ब्याज दर और चुनी गई लोन अवधि के आधार पर मासिक किस्त बदल सकती है।
डाउन पेमेंट और लोन अवधि का रखें ध्यान
कार खरीदते समय कोशिश करनी चाहिए कि कम से कम 20 प्रतिशत रकम डाउन पेमेंट के तौर पर दी जाए। इससे लोन की राशि कम हो जाती है और हर महीने चुकाई जाने वाली EMI का बोझ भी घट सकता है। वहीं, लोन की अवधि बहुत ज्यादा लंबी रखने पर मासिक EMI कम हो सकती है, लेकिन पूरी अवधि में ब्याज के रूप में ज्यादा रकम चुकानी पड़ सकती है।
इसलिए कार की EMI और उससे जुड़े नियमित खर्च आपकी मासिक आय के हिसाब से होने चाहिए। इससे भविष्य में घरेलू बजट पर अनावश्यक दबाव पड़ने से बचा जा सकता है।
कार लोन लेने से पहले क्रेडिट स्कोर जांचें
कार लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर देख लेना भी फायदेमंद रहता है। अच्छा क्रेडिट स्कोर होने पर बैंक या वित्तीय संस्थान बेहतर ब्याज दर की पेशकश कर सकते हैं। हालांकि, ब्याज दर सिर्फ क्रेडिट स्कोर पर निर्भर नहीं करती। बैंक की अपनी नीतियां और ग्राहक की प्रोफाइल के आधार पर लोन की शर्तें अलग हो सकती हैं।
सिर्फ ब्याज दर देखकर लोन न चुनें
कार लोन लेते समय सबसे कम ब्याज दर को ही आधार बनाकर फैसला करना सही नहीं है। बैंक से प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज और दूसरे संभावित शुल्कों की जानकारी पहले ही लेनी चाहिए। इन अतिरिक्त शुल्कों का असर लोन की कुल लागत पर पड़ सकता है।
लोन की ब्याज दर का प्रकार समझना भी जरूरी है। फिक्स्ड रेट में ब्याज दर आमतौर पर तय रहती है, जबकि फ्लोटिंग रेट में बाजार और बैंक की शर्तों के अनुसार ब्याज दर बदल सकती है। इसका असर EMI या लोन की अवधि पर पड़ सकता है। इसलिए लोन के दस्तावेजों और बैंक की सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ने के बाद ही फैसला लेना बेहतर रहेगा।
EMI के अलावा इन खर्चों को भी जोड़ें
कार खरीदते समय सिर्फ EMI को ही बजट का हिस्सा नहीं मानना चाहिए। ईंधन, इंश्योरेंस, सर्विस और मेंटेनेंस जैसे खर्च भी नियमित रूप से होते हैं। इन सभी खर्चों को जोड़ने के बाद ही यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कार वास्तव में आपके मासिक बजट के लिए कितनी महंगी पड़ेगी।
इसके अलावा कार की रीसेल वैल्यू भी ध्यान देने वाली बात है। समय के साथ हर कार की कीमत कम होती है, लेकिन अलग-अलग मॉडल में यह गिरावट अलग हो सकती है।
ऐसे में Baleno या Glanza खरीदने से पहले सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि किसकी EMI कम है। डाउन पेमेंट, ब्याज दर, लोन की अवधि, कुल लोन लागत, नियमित खर्च और कार की रीसेल वैल्यू को ध्यान में रखकर फैसला लेना ज्यादा समझदारी होगी।

