नई गाड़ी खरीदते समय महंगा इंश्योरेंस बेचने की मनमानी पर लगेगी रोक, IRDAI बदलने जा रहा पूरा तरीका

New Car Insurance Rules 2026: नई कार या बाइक खरीदते समय इंश्योरेंस के लिए शोरूम पर निर्भर रहने वाले ग्राहकों के लिए अहम खबर है। IRDAI ने मोटर इंश्योरेंस की बिक्री और वितरण व्यवस्था में बदलाव का ड्राफ्ट पेश किया है। प्रस्ताव लागू होने पर ग्राहक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी पसंद की पॉलिसी चुन सकेंगे।
शोरूम में ग्राहक को मिलेगा इंश्योरेंस चुनने का विकल्प
नई कार या दोपहिया वाहन खरीदते समय अक्सर ग्राहक को इंश्योरेंस भी डीलर से ही लेने के लिए कहा जाता है। ऐसे में ग्राहक के पास अलग-अलग कंपनियों की पॉलिसी और उनके प्रीमियम की तुलना करने का विकल्प सीमित हो सकता है। अब भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण यानी IRDAI इस व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रहा है।
IRDAI के प्रस्ताव के मुताबिक, वाहन डीलरों को ग्राहकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इंश्योरेंस पॉलिसी चुनने का स्पष्ट विकल्प देना होगा। इसका मतलब है कि नई गाड़ी खरीदने वाला व्यक्ति शोरूम में उपलब्ध विकल्प के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से भी अपनी जरूरत के अनुसार बीमा चुन सकेगा।
इस बदलाव का एक बड़ा उद्देश्य इंश्योरेंस की बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाना है। ग्राहक को पॉलिसी खरीदने से पहले अलग-अलग विकल्पों पर विचार करने का अवसर मिल सकता है।
IRDAI के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 से वित्त वर्ष 2025 के बीच मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसी अवधि में इंश्योरेंस बांटने पर दिए जाने वाले कमीशन में करीब 259 प्रतिशत का उछाल आया। औसत कमीशन लगभग 24 प्रतिशत तक था और कुछ मामलों में यह 50 प्रतिशत तक पहुंच गया।
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‘बीमा सुगम’ के QR कोड से खरीद सकेंगे पॉलिसी
प्रस्तावित नियमों में डिजिटल इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। नए नियम लागू होने के बाद वाहन डीलरों और शोरूम में ‘बीमा सुगम’ जैसे इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म का QR कोड प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना जरूरी हो सकता है।
ग्राहक इस QR कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध इंश्योरेंस विकल्प देख सकेंगे। इसके जरिए उन्हें शोरूम से बाहर किसी दूसरे माध्यम से पॉलिसी खरीदने का रास्ता भी मिल सकता है।
प्रस्ताव में ऐसे प्लेटफॉर्म पर ली जाने वाली फीस को प्रीमियम के अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित रखने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य इंश्योरेंस वितरण से जुड़ी लागत और कमीशन को नियंत्रित करना है।
IRDAI ने अनिवार्य थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस और नई गाड़ियों से जुड़े कुछ इंश्योरेंस प्रोडक्ट पर कमीशन घटाने का भी प्रस्ताव रखा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस पर औसत कमीशन वित्त वर्ष 2023 में 4.3 प्रतिशत था, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 22 प्रतिशत हो गया।
बाहर से इंश्योरेंस लेने पर भी मिलेगा कैशलेस रिपेयर
नई गाड़ी खरीदते समय ग्राहकों के सामने एक आम समस्या यह होती है कि कई बार उन्हें बताया जाता है कि अगर इंश्योरेंस शोरूम से नहीं लिया गया, तो दुर्घटना के बाद कैशलेस रिपेयर की सुविधा नहीं मिलेगी। IRDAI के प्रस्ताव में ऐसी स्थिति को रोकने की बात कही गई है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत केवल इस वजह से ग्राहक को कैशलेस सर्विस से वंचित नहीं किया जा सकेगा कि उसने इंश्योरेंस डीलर से नहीं खरीदा है। इसके अलावा, ग्राहक के सही मोबाइल नंबर को पब्लिक इंश्योरेंस रजिस्ट्री यानी PIR के साथ साझा करने और उसे परिवहन विभाग के VAHAN पोर्टल से मिलाने का प्रस्ताव है।
इसका उद्देश्य नई पॉलिसी जारी होने के बाद ग्राहक तक इंश्योरेंस से जुड़ी जानकारी सीधे मैसेज के जरिए पहुंचाना है।
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मोटर डीलरों के लिए भी बदल सकते हैं नियम
IRDAI के प्रस्ताव में मोटर डीलरों के लिए भी अलग व्यवस्था की बात कही गई है। जो डीलर इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटी यानी IDE की शर्तें पूरी करेंगे, उन्हें IDE के रूप में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ऐसी इकाई एक से ज्यादा इंश्योरेंस कंपनियों के प्रोडक्ट बेच सकेगी।
वहीं, जो डीलर IDE की शर्तें पूरी नहीं करते हैं, उन्हें किसी IDE के पॉइंट ऑफ सेल्स पर्सन यानी PoSP के रूप में काम करना होगा या किसी एक इंश्योरेंस कंपनी के सहयोगी के तौर पर जुड़ना होगा।
हालांकि, अभी ये बदलाव अंतिम नियम नहीं हैं। IRDAI ने इन प्रस्तावों पर सुझाव मांगे हैं। अंतिम नियम जारी होने के बाद ही साफ होगा कि नई कार या बाइक खरीदने वालों के लिए इंश्योरेंस लेने की प्रक्रिया में कौन-कौन से बदलाव लागू होंगे और वे कब से प्रभावी होंगे।

