3I/ATLAS का सुलझा रहस्य, वैज्ञानिकों ने डिटेक्ट किया पहला रेडियो सिग्नल

3I ATLAS Radio Signal Mystery Solved
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3I ATLAS Radio Signal: खगोल विज्ञान की दुनिया में एक बड़ा खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों ने पहली बार Interstellar Object 3I/ATLAS से रेडियो सिग्नल डिटेक्ट किया है। यह खोज दक्षिण अफ्रीका के MeerKAT रेडियो टेलीस्कोप के जरिए की गई। बता दें कि यह वही रहस्यमयी अंतरतारकीय वस्तु है, जिसने अपनी अजीब गति और चमक से खगोलविदों को लंबे समय तक उलझन में डाला था।

कई विशेषज्ञों ने इसे विदेशी तकनीक या एलियन जांच यान तक बताया था। हालांकि, अब जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने सारी अटकलों पर विराम लगा दिया है।

क्या सच में एलियन का संदेश था 3I ATLAS Radio Signal?

बता दें की जब MeerKAT टेलीस्कोप ने इस सिग्नल (3I ATLAS Radio Signal) को पकड़ा, तो सोशल मीडिया पर “Alien Message” की चर्चाएं तेज हो गईं। लेकिन वैज्ञानिकों ने साफ किया कि यह कोई एलियन सिग्नल नहीं, बल्कि प्राकृतिक radio emission है। शोध के अनुसार, यह रेडियो सिग्नल हाइड्रॉक्सिल (Hydroxyl) अणुओं से निकला है, जो धूमकेतु की गैस और धूल से बने कोमा (Coma) में मौजूद होते हैं।

गौरतलब है कि जब सूर्य की किरणें धूमकेतु की सतह से निकलने वाली जलवाष्प को तोड़ती हैं, तब ये अणु रेडियो तरंगें उत्सर्जित करते हैं। यह बिल्कुल वैसा ही संकेत है जैसा हमारे सौरमंडल के अन्य धूमकेतुओं से देखा गया है। यानी अब यह स्पष्ट है कि 3I/ATLAS एक प्राकृतिक धूमकेतु है, न कि कोई कृत्रिम वस्तु।

3I/ATLAS की रहस्यमयी यात्रा

यह अंतरतारकीय पिंड जुलाई 2025 में पहली बार देखा गया था। 3I/ATLAS लगभग 2,10,000 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हमारे सौरमंडल से गुजरा। यह अब तक का तीसरा ऐसा ऑब्जेक्ट है जो किसी अन्य तारा प्रणाली से आया है। शुरुआत में इसकी चमक, रंग और कक्षा (Orbit) असामान्य थी, जिससे वैज्ञानिकों को शक हुआ कि यह शायद किसी एलियन सभ्यता द्वारा भेजा गया यान हो सकता है।

लेकिन अक्टूबर 2025 में जब यह सूर्य के सबसे करीब पहुंचा, तो NASA के अवलोकन से इसमें पानी की तेज धाराओं के फूटने के प्रमाण मिले। अब MeerKAT से मिले रेडियो सिग्नल ने इस बात की पुष्टि कर दी कि यह वास्तव में एक “सक्रिय धूमकेतु” है।

विज्ञान की जीत, अटकलों की हार

Harvard के प्रोफेसर Avi Loeb, जो पहले भी ‘Oumuamua’ को एलियन यान मान चुके हैं, उन्होंने भी स्वीकार किया कि यह खोज प्राकृतिक घटनाओं को साबित करती है। वैज्ञानिक समुदाय के लिए यह खोज बेहद अहम है, क्योंकि इससे हमें न केवल अंतरतारकीय वस्तुओं की संरचना समझने में मदद मिलेगी, बल्कि यह भी पता चलेगा कि हमारे जैसे ग्रह कैसे दूसरे तारों के आसपास बने।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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