भारत में बड़ा दांव खेल गया Apple, 100 करोड़ निवेश से बदलेगी बिजली और कचरा प्रबंधन की तस्वीर
Apple India 100 Crore Investment: भारत में Apple ने ऐसा कदम उठाया है जो सिर्फ बिजनेस नहीं, पूरे देश के लिए बड़ी खबर बन सकता है। कंपनी ने 100 करोड़ रुपये निवेश का ऐलान किया है, जिससे स्वच्छ बिजली, प्लास्टिक कचरा कम करने और ग्रीन स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा। खास बात यह है कि इस फैसले से लाखों घरों तक साफ ऊर्जा पहुंच सकती है। आखिर Apple भारत में इतना बड़ा दांव क्यों खेल रहा है, जानिए पूरी कहानी।
एप्पल ने भारत में क्यों किया 100 करोड़ का निवेश?
एप्पल ने भारत में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये निवेश करने का ऐलान किया है। कंपनी इस योजना के तहत 150 मेगावाट से ज्यादा नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता तैयार करेगी, जिसके लिए उसने क्लीनमैक्स के साथ साझेदारी की है। एप्पल का दावा है कि इस प्रोजेक्ट से हर साल करीब 1.5 लाख भारतीय घरों तक साफ बिजली पहुंच सकेगी।
हालांकि, आने वाले समय में अगर स्वच्छ ऊर्जा की मांग बढ़ती है तो इस योजना का दायरा और बढ़ाया जा सकता है। बता दें कि इससे पहले भी एप्पल और क्लीनमैक्स मिलकर भारत में ऑफिस और रिटेल स्टोर्स के लिए रूफटॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट पर काम कर चुके हैं।
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प्लास्टिक कचरा कम करने की दिशा में Apple का बड़ा कदम
Apple अब सिर्फ बिजली और टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के लिए भी बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी ने WWF-India के साथ मिलकर नई योजना शुरू की है, जिसके तहत कचरा संग्रह, रिसाइक्लिंग और वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।
इस मॉडल में प्लास्टिक और अन्य रिसाइक्लिंग योग्य कचरे को इकट्ठा कर उसकी छंटाई की जाएगी, फिर दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी।
यह अभियान पहले से गोवा में Saahas Zero Waste के साथ चल रहा है, जबकि अब इसे कोयंबटूर समेत दूसरे शहरों में भी बढ़ाया जा रहा है। इस योजना में स्थानीय सरकार, आम लोग और कचरा श्रमिकों को भी शामिल किया जा रहा है।
Apple ने ग्रीन स्टार्टअप्स पर लगाया बड़ा दांव
Apple ने भारत में ग्रीन स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने Acumen के साथ साझेदारी कर छह स्टार्टअप्स को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है, जो कचरा प्रबंधन, पुनर्जीवित खेती, सर्कुलर इकोनॉमी और टिकाऊ उपभोग जैसे क्षेत्रों में काम करेंगे।
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बता दें कि इन कंपनियों को सिर्फ फंडिंग ही नहीं, बल्कि मेंटरिंग, तकनीकी सहायता और बड़े प्रोफेशनल नेटवर्क का भी फायदा मिलेगा, जिससे वे अपने आइडिया को तेजी से आगे बढ़ा सकें। गौरतलब है कि Apple ने 2015 के बाद से अपने वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 60 प्रतिशत से ज्यादा कमी का दावा किया है।
वहीं इसी दौरान कंपनी की कमाई 78 प्रतिशत बढ़ी है। भारत में यह नया निवेश दिखाता है कि Apple अब स्वच्छ ऊर्जा, कम कचरा और बेहतर पर्यावरण की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
