HDFC Bank के शेयर में सोमवार को मचेगी हलचल? CEO के अचानक इस्तीफे के बाद निवेशकों की नजर अब इस बड़े फैसले पर

HDFC Bank के शेयरों पर सोमवार को दबाव देखने को मिल सकता है। CEO सशिधर जगदीशन के पद छोड़ने और दोबारा नियुक्ति नहीं लेने के फैसले ने निवेशकों के बीच बैंक के नेतृत्व को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। अब बाजार की नजर नए CEO और MD की नियुक्ति पर टिक गई है।
CEO के इस्तीफे ने बढ़ाई HDFC Bank को लेकर चिंता
HDFC Bank के लिए वित्त वर्ष 2026 के अंत के बाद का दौर आसान नहीं रहा है। बैंक के शेयर पर लगातार दबाव बना हुआ है और अब CEO सशिधर जगदीशन के अचानक पद छोड़ने के फैसले (HDFC Bank CEO Resignation) ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के विश्लेषक इशांक गुप्ता के मुताबिक, इस घटनाक्रम में सबसे ज्यादा ध्यान जगदीशन के रुख में आए बदलाव पर है। मार्च में उन्होंने कहा था कि उन्होंने पद से हटने के बारे में कभी विचार नहीं किया था। इससे पहले भी बैंक के बोर्ड की ओर से उन्हें पद छोड़ने के लिए मनाने की कोशिशों की बात सामने आई थी, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया था।
ऐसे में अब अचानक इस्तीफा देने का फैसला निवेशकों के लिए सवाल खड़े कर रहा है। गुप्ता का मानना है कि केवल CEO का जाना ही चिंता का विषय नहीं है, बल्कि कुछ समय पहले दिए गए बयान से अलग मौजूदा फैसला भी बाजार की नजर में महत्वपूर्ण है।
सोमवार को 2 से 3 फीसदी तक गिर सकता है शेयर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार के कारोबार में HDFC Bank के शेयर में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। Equinomics Research के संस्थापक और रिसर्च प्रमुख जी. चोक्कलिंगम के अनुसार, शुरुआती प्रतिक्रिया में बैंक का शेयर करीब 2 से 3 फीसदी तक गिर सकता है।
हालांकि, उनका मानना है कि शेयर की मौजूदा कम वैल्यूएशन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अवसर भी बन सकती है। HDFC Bank का मजबूत बैलेंस शीट इसकी बड़ी ताकत है और मौजूदा स्थिति में लंबे समय के निवेशक बैंक के शेयर में दिलचस्पी दिखा सकते हैं।
चोक्कलिंगम के अनुसार, इतने बड़े और मजबूत बैलेंस शीट वाले बैंक के लिए योग्य नेतृत्व तलाशना मुश्किल नहीं होना चाहिए। मौजूदा स्तर पर HDFC Bank का शेयर बुक वैल्यू के दो गुने से भी कम पर कारोबार कर रहा है।
वहीं, Kantilal Chhaganlal Securities के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एंड बिजनेस डेवलपमेंट महेश एम. ओझा की राय इससे अलग है। उनका मानना है कि CEO के इस्तीफे की खबर HDFC Bank के लिए सकारात्मक भी साबित हो सकती है। हालांकि, शेयर में मजबूत तेजी तभी देखने को मिल सकती है जब नए CEO और MD की नियुक्ति हो जाए।
नए CEO की नियुक्ति होगी सबसे बड़ा ट्रिगर
दूसरी ओर, 360 ONE Capital के दीपक बंगुर का मानना है कि HDFC Bank के शेयर में पहले से ही काफी गिरावट आ चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अचानक हुआ नेतृत्व परिवर्तन बैंक के लिए नकारात्मक है।
उनके अनुसार, कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं, कानूनी मामलों और मैनेजमेंट की निरंतरता को लेकर सवालों के कारण शेयर पहले ही अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। ऐसे में CEO का अचानक बाहर होना निवेशकों के लिए एक और नकारात्मक संकेत बन सकता है।
अब बाजार की सबसे बड़ी नजर इस बात पर होगी कि बैंक नए CEO और MD की नियुक्ति कितनी जल्दी करता है। इसके साथ ही नए नेतृत्व के तहत बैंक की आगे की रणनीति भी शेयर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
कुल मिलाकर, ज्यादातर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सशिधर जगदीशन के इस्तीफे का असर निकट अवधि में HDFC Bank के शेयर पर नकारात्मक रह सकता है। सोमवार को शेयर में तेज उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, लंबी अवधि में तस्वीर इस बात पर निर्भर करेगी कि बैंक उत्तराधिकारी का चयन कितनी तेजी से और कितनी सहजता से करता है।

