Jio Platforms IPO: SEBI ने दी मंजूरी, ₹37,700 करोड़ का इश्यू आया तो टूट जाएगा भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड

Jio Platforms IPO को लेकर 28 अगस्त को बड़ी खबर आई है। Reliance Industries की डिजिटल कंपनी को SEBI से IPO के लिए अंतिम मंजूरी मिल गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि Jio कब बाजार में उतरता है और क्या इसका करीब ₹37,700 करोड़ का प्रस्तावित इश्यू भारत का सबसे बड़ा IPO बन पाएगा।
SEBI से मिली मंजूरी, अब IPO की तारीख का इंतजार
Jio Platforms Ltd को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI से IPO के लिए अंतिम टिप्पणियां मिल गई हैं। Reliance Industries ने रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी पुष्टि की है। SEBI ने 28 अगस्त 2026 को कंपनी के DRHP (Draft Red Herring Prospectus) पर अपनी final observations जारी कीं।
Jio Platforms ने जून 2026 में IPO के लिए अपना ड्राफ्ट दस्तावेज SEBI के पास दाखिल किया था। अब नियामकीय प्रक्रिया का अहम चरण पूरा हो गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि IPO तुरंत खुलने वाला है। कंपनी ने अभी IPO खुलने की तारीख, बोली लगाने की अवधि या शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
रिपोर्टों के मुताबिक IPO इस साल के अंत में बाजार में आ सकता है, लेकिन अंतिम तारीख की जानकारी कंपनी की घोषणा के बाद ही साफ होगी। यही वजह है कि फिलहाल निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल है कि Jio IPO किस वैल्यूऐशन और किस प्राइस बैंड पर बाजार में आएगा।
₹37,700 करोड़ का IPO बना सकता है नया रिकॉर्ड
Jio Platforms के ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार कंपनी IPO में अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। ये शेयर IPO के बाद कंपनी की कुल इक्विटी पूंजी का करीब 2.9 प्रतिशत होंगे।
PTI की रिपोर्ट में मामले से परिचित लोगों के हवाले से बताया गया है कि IPO का आकार करीब 3.8 अरब डॉलर यानी लगभग ₹37,700 करोड़ हो सकता है। इसी रिपोर्ट के अनुसार Jio Platforms का valuation करीब 137 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
Jio Platforms IPO से जुड़े प्रमुख आंकड़े
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| प्रस्तावित IPO आकार | करीब ₹37,700 करोड़ |
| डॉलर में अनुमानित आकार | करीब 3.8 अरब डॉलर |
| प्रस्तावित नए शेयर | अधिकतम 27 करोड़ |
| IPO के बाद इक्विटी पूंजी में हिस्सेदारी | करीब 2.9 प्रतिशत |
| संभावित valuation | करीब 137 अरब डॉलर |
| मौजूदा सबसे बड़ा IPO | Hyundai Motor India का ₹27,859 करोड़ |
| NSE का प्रस्तावित IPO | करीब ₹30,000 करोड़ |
| Jio IPO price band | अभी घोषित नहीं |
| IPO opening date | अभी घोषित नहीं |
| Jio IPO GMP | फिलहाल उपलब्ध नहीं |
अगर प्रस्तावित आकार पर IPO आता है, तो Jio Platforms भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकता है। अभी यह रिकॉर्ड Hyundai Motor India के पास है, जिसने 2024 में ₹27,859 करोड़ का IPO लॉन्च किया था।
Jio का प्रस्तावित इश्यू इस आंकड़े से काफी बड़ा होगा। NSE भी IPO की तैयारी कर रहा है और उसका प्रस्तावित इश्यू करीब ₹30,000 करोड़ का बताया गया है। ऐसे में Jio Platforms का IPO भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बेहद बड़ा इवेंट बन सकता है।
लेकिन निवेशकों के लिए अभी कई चीजें साफ नहीं हैं। Jio IPO का प्राइस बैंड अभी घोषित नहीं हुआ है। IPO की opening date भी सामने नहीं आई है। इसी कारण Jio IPO का GMP (Grey Market Premium) भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
GMP को लेकर निवेशकों को सावधानी रखनी चाहिए, क्योंकि यह आधिकारिक बाजार संकेतक नहीं है और इससे IPO की वास्तविक listing price की गारंटी नहीं मिलती।
IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कहाँ होगा?
इस IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने में इस्तेमाल करने की योजना है। ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक कंपनी IPO से मिलने वाली नेट रकम में से अधिकतम ₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल RJIL (Reliance Jio Infocomm Ltd) के मौजूदा कर्ज को चुकाने या उसका कुछ हिस्सा पहले ही चुकाने में कर सकती है। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
Jio Platforms का कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन
Jio Platforms का कारोबार अब केवल मोबाइल सिम और इंटरनेट सेवाओं तक सीमित नहीं है। कंपनी के डिजिटल कारोबार में टेलीकॉम के अलावा ब्रॉडबैंड, Fixed Wireless Access, क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और enterprise network services भी शामिल हैं।
ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक RJIL के पास करीब 50.6 करोड़ मोबाइल ग्राहक थे और भारत के मोबाइल कनेक्शनों में उसकी हिस्सेदारी 39.29 प्रतिशत थी। जुलाई 2026 तक कंपनी के कुल सब्सक्राइबर 53.5 करोड़ से अधिक बताए गए हैं। 5G के मामले में भी Jio का नेटवर्क काफी बड़ा है। जून 2026 तक कंपनी के करीब 26.85 करोड़ 5G ग्राहक थे।
कंपनी के अनुसार उसका 5G Standalone नेटवर्क चीन के बाहर सबसे बड़ा है। फिक्स्ड लाइन कनेक्शन में Jio की हिस्सेदारी करीब 32.89 प्रतिशत थी और उसके लगभग 15.79 करोड़ ग्राहक थे। Fixed Wireless Access यानी JioAirFiber में भी कंपनी के करीब 1.5 करोड़ सब्सक्राइबर बताए गए हैं।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी IPO के लिहाज से महत्वपूर्ण है। FY26 में Jio Platforms का राजस्व ₹1,46,885 करोड़ रहा, जो FY25 की तुलना में 14.5 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में कंपनी का PAT (Profit After Tax) ₹30,053 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत ज्यादा है।
Jio Platforms में किसकी कितनी हिस्सेदारी?
Jio Platforms में Reliance Industries सबसे बड़ी शेयरधारक है। 2020 में कंपनी ने Meta, Google, KKR, Silver Lake और General Atlantic समेत कई वैश्विक निवेशकों से ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक जुटाए थे। प्रमुख निवेशकों का निवेश और उनकी हिस्सेदारी इस प्रकार है:
| निवेशक | निवेश | हिस्सेदारी |
|---|---|---|
| Reliance Industries | — | करीब 66.4% |
| Meta | ₹43,574 करोड़ | 9.99% |
| ₹33,737 करोड़ | 7.73% | |
| Meta और Google की संयुक्त हिस्सेदारी | — | करीब 17.7% |
Jio Platforms के चेयरमैन मुकेश अंबानी हैं, जबकि आकाश अंबानी इसके प्रबंध निदेशक और रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन हैं। Jio Platforms का IPO रिलायंस समूह के लिए भी अहम है।
यह 2008 के बाद समूह का पहला IPO होगा और किसी उपभोक्ता-केंद्रित कारोबार की पहली सार्वजनिक पेशकश होगी। अब निवेशकों की नजर आईपीओ की तारीख, मूल्य दायरा और अन्य अंतिम विवरणों पर है।

