5 दिन के सीजफायर पर भी नहीं थमा तनाव, 101 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल, क्या और बढ़ेगी कीमत?

Crude Oil Price 24 March 2026: 101 डॉलर पार तेल, 150 तक जाने का खतरा
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सीजफायर का ऐलान हुआ, लेकिन बाजार ने भरोसा नहीं किया और कच्चा तेल फिर से उबल पड़ा। 24 मार्च 2026 को कीमतें 101 डॉलर के पार पहुंच गईं, जिससे पूरी दुनिया में चिंता बढ़ गई है। सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि गिरावट के बाद अचानक इतनी तेजी आ गई? क्या यह सिर्फ शुरुआत है और तेल 150 डॉलर तक जा सकता है? जानिए इस संकट के पीछे की पूरी कहानी और इसका आपकी जेब पर असर।

ट्रंप का सीजफायर ऐलान, लेकिन हालात नहीं सुधरे

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस संघर्ष को 25 दिन हो चुके हैं और हर दिन नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 5 दिन के सीजफायर का ऐलान किया और कहा कि ईरान के पावर प्लांट्स पर कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होगी।

हालांकि, गौरतलब है कि इस ऐलान के बावजूद हालात सामान्य नहीं हुए। ईरान ने साफ कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं हुई है। इतना ही नहीं, ट्रंप के बयान के 24 घंटे के भीतर ही ईरान के पावर स्टेशन और ग्रिड पर मिसाइल हमले शुरू हो गए। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी बरकरार है।

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बाजार को नहीं हुआ भरोसा, फिर चढ़ा कच्चा तेल

सीजफायर के ऐलान के बाद सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price) में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट आई थी और ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। लेकिन यह राहत ज्यादा देर नहीं टिक सकी। मंगलवार, 24 मार्च को शुरुआती कारोबार में फिर से तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 1.06 डॉलर बढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल (Crude Oil Price 24 March 2026) के पार पहुंच गया।

वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 1.58 डॉलर की बढ़त के साथ 89.71 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया। यह तेजी इस बात का संकेत है कि बाजार को ट्रंप के बयान पर भरोसा नहीं है। निवेशक अभी भी इस युद्ध को लेकर चिंतित हैं और किसी भी तरह की अनिश्चितता कीमतों को ऊपर ले जा रही है।

होर्मुज पर तनाव से सप्लाई प्रभावित, 150 डॉलर तक जा सकता है तेल

इस पूरे संकट की सबसे बड़ी वजह ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज‘ पर बढ़ता तनाव है। ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते पर पाबंदी लगा दी है, जिससे तेल और गैस की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। दरसल पहले कच्चा तेल (Crude Oil) 67 से 70 डॉलर प्रति बैरल के बीच बिक रहा था, लेकिन अब यह 100 डॉलर के पार पहुंच चुका है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक होर्मुज पूरी तरह से नहीं खुलता, तब तक कीमतों को नियंत्रित करना मुश्किल रहेगा। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि जब तक उसे प्रतिबंधों में राहत और मुआवजा नहीं मिलता, वह पीछे नहीं हटेगा। ऐसे में अगर यह युद्ध लंबा खिंचता है और अप्रैल के अंत तक होर्मुज बंद रहता है, तो ब्रेंट क्रूड की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।

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आगे क्या?

हालांकि 5 दिन के सीजफायर से थोड़ी उम्मीद जरूर जगी थी, लेकिन मौजूदा हालात यह बता रहे हैं कि संकट अभी खत्म होने वाला नहीं है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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