पुराने स्मार्टफोन को कबाड़ समझकर फेंकने की गलती न करें, Google बता रहा है इसका हैरान करने वाला नया इस्तेमाल
क्या आपके घर में भी कोई पुराना स्मार्टफोन बेकार पड़ा है? अब उसे कबाड़ समझने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। Google की नई रिसर्च में सामने आया है कि पुराने स्मार्टफोन भविष्य में क्लाउड सेवाओं, शिक्षा और वैज्ञानिक शोध जैसे बड़े कामों का हिस्सा बन सकते हैं। शोधकर्ताओं का दावा है कि कई पुराने मोबाइल फोन को आपस में जोड़कर एक ऐसा कंप्यूटिंग सिस्टम तैयार किया जा सकता है जो कुछ मामलों में आधुनिक सर्वर जैसी क्षमता दे सकता है।
Google की नई रिसर्च क्या कहती है?
Google जिस तकनीक पर काम कर रहा है उसे ‘Phone Cluster Computing’ कहा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य पुराने स्मार्टफोन के उन हिस्सों का दोबारा उपयोग करना है जो अभी भी पूरी तरह काम करने की क्षमता रखते हैं।
रिसर्च के अनुसार, पुराने फोन से डिस्प्ले, बैटरी, कैमरा और बाहरी ढांचा जैसे हिस्से हटा दिए जाते हैं। इसके बाद केवल मदरबोर्ड को रखा जाता है, जिसमें प्रोसेसर, स्टोरेज और मेमोरी मौजूद होती है।
इन मदरबोर्ड्स को आपस में जोड़कर एक कंप्यूटिंग नेटवर्क तैयार किया जाता है। यह सिस्टम Linux आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है और इसे Kubernetes जैसे प्लेटफॉर्म की मदद से मैनेज किया जा सकता है। यही तकनीक आज बड़े क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को संचालित करने में भी उपयोग की जाती है।
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पुराने स्मार्टफोन कैसे बन सकते हैं छोटा डेटा सेंटर?
गूगल के शोधकर्ताओं का कहना है कि,
घर में पड़े पुराने स्मार्टफोन सिर्फ कबाड़ नहीं हैं, बल्कि इन्हें जोड़कर एक छोटा डेटा सेंटर तैयार किया जा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 25 से 50 पुराने स्मार्टफोन मिलकर कुछ खास कामों में आधुनिक सर्वर जैसी कंप्यूटिंग ताकत दे सकते हैं। इसका मतलब है कि ये पुराने फोन भविष्य में क्लाउड ऐप्स चलाने, डेटा प्रोसेस करने और रिसर्च प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट करने जैसे कामों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
इतना ही नहीं, अगर हजारों पुराने स्मार्टफोन को एक साथ जोड़ा जाए तो एक बड़ा कंप्यूटिंग सिस्टम बनाया जा सकता है, जो क्लाउड सेवाओं और वैज्ञानिक शोध से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम संभालने में सक्षम होगा।
2,000 पुराने पिक्सल फोन मिलकर बन सकते हैं सुपर कंप्यूटिंग सिस्टम
गूगल की नई रिसर्च ने एक दिलचस्प संभावना दिखाई है, जिसमें करीब 2,000 पुराने और इस्तेमाल से बाहर हो चुके पिक्सल स्मार्टफोन को जोड़कर एक बड़ा कंप्यूटिंग सिस्टम तैयार किया जा सकता है। इस तकनीक का फायदा सिर्फ रिसर्च तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन डिएगो के शोधकर्ता इसे सिस्टम प्रोग्रामिंग और पैरलल कंप्यूटिंग जैसे कोर्सों में भी इस्तेमाल करना चाहते हैं।
इससे छात्रों को कम खर्च में असली कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिलेगा। साथ ही वैज्ञानिक यह भी जांच सकेंगे कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले स्मार्टफोन डेटा सेंटर जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कितना अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
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पुराने स्मार्टफोन बन सकते हैं पर्यावरण के लिए गेम-चेंजर
हर साल दुनिया भर में करोड़ों लोग अपने स्मार्टफोन बदलते हैं, लेकिन पुराने फोन अक्सर घरों में बेकार पड़े रह जाते हैं या फिर इलेक्ट्रॉनिक कचरे में बदल जाते हैं। गूगल की नई रिसर्च (Google Old Smartphone Research) इस समस्या का दिलचस्प समाधान दिखाती है, जिसमें पुराने स्मार्टफोन को जोड़कर कंप्यूटिंग सिस्टम की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
इससे नए सर्वर बनाने की जरूरत कम हो सकती है, संसाधनों की बचत होगी और ई-वेस्ट भी घटेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में टिकाऊ कंप्यूटिंग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
अगर यह प्रयोग बड़े स्तर पर सफल होता है, तो पुराने फोन सिर्फ कॉल और इंटरनेट तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि क्लाउड सेवाओं, शिक्षा और वैज्ञानिक शोध जैसे क्षेत्रों में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं, जिससे उन्हें एक नई तकनीकी जिंदगी मिल सकेगी।
