Maruti Suzuki का बड़ा प्लान! अगले कुछ सालों में लाएगी 7 नई SUV, जानिए क्या है कंपनी की तैयारी

मारुति सुजुकी भारतीय कार बाजार में अपनी SUV रणनीति को बड़ा करने जा रही है। कंपनी अगले पांच से छह साल में 7 नई SUVs लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी तेजी से काम हो रहा है, ताकि घरेलू और विदेशी बाजार में बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
कंपनी की योजना के मुताबिक आने वाले वर्षों में मारुति सुजुकी का SUV पोर्टफोलियो पहले से काफी बड़ा होगा। वहीं, उत्पादन क्षमता को करीब 40 लाख यूनिट सालाना तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
Maruti Suzuki अगले 5-6 साल में लाएगी 7 नई SUVs
मारुति सुजुकी अगले पांच से छह वर्षों में भारतीय बाजार में 7 नई SUVs पेश करने की योजना (Maruti Suzuki Plans 7 New SUVs) बना रही है। कंपनी के Managing Director और CEO Hisashi Takeuchi ने Annual Integrated Report 2025-26 में कंपनी की भविष्य की रणनीति से जुड़ी यह जानकारी दी है।
कंपनी के अनुसार ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। ऐसे में SUV सेगमेंट में अपनी मौजूदगी बढ़ाना Maruti Suzuki की भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा है। हालांकि, कंपनी ने अभी इन सातों SUVs के नाम, लॉन्च की तारीख या उनके फीचर्स की जानकारी नहीं दी है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ये सभी मॉडल किस सेगमेंट में आएंगे।
मारुति सुजुकी की यह योजना ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार में SUVs की मांग लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। कंपनी अब अपने पारंपरिक छोटे कार कारोबार के साथ SUV पोर्टफोलियो को भी मजबूत करना चाहती है।
5 लाख यूनिट क्षमता जुड़ी, अब 40 लाख का लक्ष्य
नई SUVs के लिए केवल नए मॉडल तैयार करना ही काफी नहीं है। मारुति सुजुकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी बड़ा निवेश कर रही है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 5 लाख यूनिट की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जोड़ी है। हरियाणा के खरखौदा में कंपनी के दूसरे प्लांट में मई 2026 में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हुआ। इस प्लांट की सालाना क्षमता 2.5 लाख यूनिट है।
दूसरे प्लांट के शुरू होने के बाद खरखौदा प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 5 लाख यूनिट सालाना हो गई है। इसके साथ मारुति सुजुकी की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 26.5 लाख यूनिट तक पहुंच गई। कंपनी की आगे की योजना उत्पादन क्षमता को करीब 40 लाख यूनिट प्रति वर्ष तक बढ़ाने की है। इससे कंपनी को घरेलू बाजार के साथ-साथ एक्सपोर्ट की मांग पूरी करने में मदद मिल सकती है।
FY 2030-31 तक कितना यूनिट पहुंच सकता है कार बाजार?
मारुति सुजुकी को आने वाले वर्षों में भारतीय कार बाजार के विस्तार की भी उम्मीद है। कंपनी के चेयरमैन R C Bhargava के अनुसार,
भारत का पैसेंजर व्हीकल बाजार वित्त वर्ष 2030-31 तक 61 लाख से 63 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है। कंपनी को छोटे कारों की बिक्री में भी आगे सुधार की उम्मीद है।
Maruti Suzuki का मानना है कि पिछले पांच वर्षों की तुलना में आने वाले समय में छोटे कार सेगमेंट की ग्रोथ बेहतर हो सकती है। यानी कंपनी एक तरफ SUVs पर बड़ा दांव लगा रही है, तो दूसरी तरफ छोटे कार सेगमेंट को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है।
कंपनी ने छोटी कारों की वापसी, मजबूत SUV पोर्टफोलियो, अलग-अलग पॉवरट्रेन विकल्प, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निर्यात को भविष्य की ग्रोथ के प्रमुख आधारों में शामिल किया है।
रिकॉर्ड बिक्री के बाद बढ़ रहा है उत्पादन पर जोर
मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी अब तक की सबसे ज्यादा सालाना बिक्री दर्ज की। कंपनी ने इस दौरान कुल 24.22 लाख वाहन बेचे। इनमें 19.75 लाख वाहन घरेलू बाजार में बेचे गए, जबकि 4.48 लाख वाहनों का एक्सपोर्ट किया गया। कंपनी का एक्सपोर्ट भी इस दौरान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
Maruti Suzuki लगातार तीसरे साल 20 लाख से ज्यादा वाहनों की सालाना बिक्री करने में सफल रही है। बढ़ती बिक्री और भविष्य की मांग को देखते हुए कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
SUVs के साथ ग्रीन एनर्जी पर भी फोकस
मारुति सुजुकी का विस्तार केवल कारों और उत्पादन तक सीमित नहीं है। कंपनी वैकल्पिक ऊर्जा के इस्तेमाल पर भी काम कर रही है। खरखौदा प्लांट में 10 टन प्रतिदिन क्षमता वाला नया बायोगैस प्लांट (biogas plant) तैयार किया जा रहा है। इसके वित्त वर्ष 2026-27 में शुरू होने की उम्मीद है। वहीं Manesar में मौजूद बायोगैस प्लांट की क्षमता 0.2 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 0.7 टन प्रतिदिन कर दी गई है।
इन दोनों परियोजनाओं पर कंपनी 150 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा Maruti Suzuki ने वित्त वर्ष 2030-31 तक green energy initiatives के लिए 925 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। कंपनी के लिए आने वाले सालों की रणनीति अब साफ दिखाई देती है।
एक तरफ 7 नई SUVs के जरिए नए ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ उत्पादन क्षमता बढ़ाकर बढ़ती मांग को पूरा करने की कोशिश की जा रही है। छोटे कार बाजार में संभावित सुधार और एक्सपोर्ट बढ़ाने की योजना भी कंपनी की भविष्य की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा सकती है।




