भारत की ग्रीन एनर्जी को मिला बड़ा सहारा, Brookfield ने 600 मिलियन डॉलर के निवेश के साथ लॉन्च किया लूमारा

भारत में स्वच्छ ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दुनिया की प्रमुख निवेश कंपनी Brookfield ने भारत में अपनी नई रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म Lumara लॉन्च करने की घोषणा की है। कंपनी इस प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 600 मिलियन डॉलर का निवेश करेगी। इसका उद्देश्य सोलर, विंड और बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना है, ताकि देश की बढ़ती बिजली जरूरतों को स्वच्छ ऊर्जा से पूरा किया जा सके।
क्या है Lumara?
Lumara, वैश्विक निवेश कंपनी Brookfield का नया रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म है, जिसे भारत में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को तेज गति देने के उद्देश्य से लॉन्च (Brookfield Lumara India Launch) किया गया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनी सोलर, विंड और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) से जुड़े बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के विकास और निर्माण को आगे बढ़ाएगी।
Brookfield के अनुसार, Lumara की शुरुआत 6 गीगावॉट (GW) से अधिक क्षमता वाले शुरुआती पोर्टफोलियो के साथ की गई है। इसमें सोलर और विंड ऊर्जा परियोजनाओं के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी शामिल हैं, जिससे जरूरत के समय स्वच्छ बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
कंपनी का कहना है कि,
Lumara सिर्फ निवेश करने वाला प्लेटफॉर्म नहीं होगा, बल्कि परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने पर भी विशेष ध्यान देगा। इसका उद्देश्य पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA), ग्रिड कनेक्शन और भूमि अधिग्रहण जैसी चुनौतियों को कम करते हुए रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाना है।
इससे भारत में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ने के साथ भविष्य की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
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भारत के ऊर्जा क्षेत्र पर क्या होगा असर?
भारत में स्वच्छ ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन कई रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पातीं। इसकी प्रमुख वजह पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) में देरी, ग्रिड कनेक्शन मिलने में लंबा समय लगना और जमीन अधिग्रहण जैसी प्रक्रियाओं का धीमा होना है। इन चुनौतियों के कारण कई बड़े प्रोजेक्ट तय समय से पीछे रह जाते हैं।
Brookfield का कहना है कि,
लूमारा का उद्देश्य इन बाधाओं को कम करते हुए परियोजनाओं के विकास और निर्माण की रफ्तार बढ़ाना है।
यदि ऐसा होता है, तो नई बिजली उत्पादन क्षमता तेजी से तैयार होगी और उद्योगों, बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं तथा सरकारी संस्थानों को स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता पहले की तुलना में बेहतर हो सकेगी।
भारत के 2030 ग्रीन एनर्जी लक्ष्य को मिलेगी मदद
Brookfield के दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के ऊर्जा प्रमुख एवं मैनेजिंग पार्टनर Nawal Saini के अनुसार,
भारत दुनिया के सबसे आकर्षक और तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी बाजारों में से एक है।देश ने वर्ष 2030 तक 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने का लक्ष्य तय किया है और Lumara इस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में अहम योगदान दे सकता है।
उनके मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म शुरुआती चरण से ही परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ बड़े औद्योगिक ग्राहकों, वैश्विक कंपनियों, हाइपरस्केलर्स और सरकारी एजेंसियों की लंबी अवधि की स्वच्छ ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लचीले और भरोसेमंद ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने पर भी काम करेगा।
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Brookfield ने भारत में अब तक कितना निवेश किया है?
Brookfield ने Lumara में निवेश अपने Catalytic Transition Fund के जरिए किया है, जिसे उभरते देशों में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बनाया गया है। कंपनी के अनुसार,
भारत में उसके पास करीब 45 GW की विंड और सोलर ऊर्जा परिसंपत्तियां संचालन में हैं या विकासाधीन हैं। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, रियल एस्टेट और प्राइवेट इक्विटी जैसे क्षेत्रों में वह अब तक 32 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर चुकी है।
Lumara की शुरुआत यह संकेत देती है कि वैश्विक निवेशकों का भारत के ग्रीन एनर्जी सेक्टर पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में बड़े निवेश देखने को मिल सकते हैं।




