₹45 हजार का सपना, अब ₹11 हजार प्रति रात किराया! पारुल गुलाटी ने बताई गोवा विला की पूरी हकीकत

Parul Gulati Goa Villa: 3.1 करोड़ निवेश और 11 हजार का किराया
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अभिनेत्री और उद्यमी पारुल गुलाटी (Parul Gulati) ने गोवा में अपने प्रॉपर्टी निवेश से जुड़ी ऐसी बात बताई है, जिसने उनके शुरुआती अनुमान और मौजूदा हकीकत के बीच का बड़ा फर्क सामने ला दिया। जिस दो बेडरूम विला से वह कभी ₹45,000 प्रति रात कमाने की उम्मीद कर रही थीं, अब वहां करीब ₹11,000 प्रति रात का किराया लिया जा रहा है।

पारुल ने बताया कि जब उन्होंने यह प्रॉपर्टी बुक की थी, तब गोवा में लग्जरी विला की संख्या कम थी। लेकिन अगले कुछ वर्षों में बाजार में इतनी प्रतिस्पर्धा बढ़ गई कि उनका अनुमान बदलना पड़ा। उन्होंने इस अनुभव को बताते हुए कहा, “Reality hit me.”

पारुल गुलाटी ने कब और कितने में खरीदा गोवा में विला?

पारुल गुलाटी ने 2021 में गोवा के Nerul में दो बेडरूम वाला एक विला बुक किया था। इस प्रॉपर्टी की कीमत करीब ₹2.7 करोड़ बताई गई थी। टैक्स, स्टांप ड्यूटी और मेंटेनेंस जैसे खर्च जोड़ने के बाद उनका कुल निवेश करीब ₹3.1 करोड़ (Parul Gulati Goa Villa Investment) तक पहुंच गया।

पारुल को उम्मीद थी कि उन्हें करीब दो साल में विला का पजेशन मिल जाएगा। हालांकि, प्रॉपर्टी मिलने में देरी हुई और उन्हें इसका पजेशन जनवरी 2026 में मिला।

इस दौरान गोवा के रेंटल मार्केट में बड़ा बदलाव आया। लग्जरी विला और दूसरी रेंटल प्रॉपर्टीज की संख्या बढ़ने से प्रतिस्पर्धा भी बढ़ गई। पारुल ने बताया कि जिस समय उन्होंने 45 हजार रुपये प्रति रात किराया लेने की बात कही थी, उस समय बाजार में आज की तरह इतनी अधिक प्रॉपर्टीज नहीं थीं।

गोवा विला का किराया अब कितना है?

पारुल गुलाटी के गोवा विला का किराया अब करीब ₹11,000 प्रति रात है। हालांकि, ऑफ-सीजन में यहां ऑक्यूपेंसी करीब 30 से 40 फीसदी रहती है। इस दौरान विला से लगभग ₹1.2 लाख प्रति महीने की कमाई होती है। सभी खर्च निकालने के बाद पारुल के पास करीब ₹70,000 से ₹80,000 बचते हैं।

पीक सीजन में कमाई बढ़ने की उम्मीद है। पारुल के मुताबिक, उस दौरान विला का किराया करीब ₹20,000 प्रति रात तक हो सकता है और ऑक्यूपेंसी लगभग 70 फीसदी रहने का अनुमान है।

हालांकि, पारुल ने साफ किया कि उन्होंने यह विला केवल किराये से कमाई करने के लिए नहीं खरीदा था। उनका मकसद ऐसी प्रॉपर्टी में निवेश करना था, जिसकी कीमत समय के साथ बढ़े और लंबे समय में यह उनके लिए एक appreciating asset साबित हो।

पारुल के अनुसार, विला की मौजूदा कीमत करीब ₹4.5 करोड़ है। यानी शुरुआती दौर में ₹45,000 प्रति रात किराया लेने की उम्मीद और आज के ₹11,000 के किराये के बीच बड़ा अंतर जरूर आया है, लेकिन प्रॉपर्टी की बढ़ी हुई वैल्यू उनके निवेश का अहम हिस्सा है।

गोवा के रेंटल मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने हालांकि उनके शुरुआती अनुमान को बदल दिया। जब पारुल ने विला बुक किया था, तब लग्जरी रेंटल प्रॉपर्टीज की संख्या कम थी। अब बाजार में कई विकल्प मौजूद हैं, जिसकी वजह से किराये पर दबाव बढ़ा है।

₹1.2 करोड़ के हॉस्टल से कितनी कमाई होती है?

गोवा में पारुल का निवेश सिर्फ विला तक सीमित नहीं है। उन्होंने Malkin Hostel में भी करीब ₹1.2 करोड़ लगाए हैं। लेकिन इस बिजनेस को चलाने का खर्च भी काफी बड़ा है।

पारुल के अनुसार, हॉस्टल को चलाने में हर महीने करीब ₹6 लाख खर्च होते हैं। इसमें करीब ₹3 लाख का किराया, बिजली और कर्मचारियों की सैलरी जैसे खर्च शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने हॉस्टल में स्विमिंग पूल बनाने पर करीब ₹18 लाख खर्च किए हैं।

ऑफ-सीजन में हॉस्टल से करीब ₹5.5 लाख की आय होती है। यानी इस दौरान आमदनी मासिक खर्च से कम रहती है। पीक सीजन में पारुल को यह आय बढ़कर करीब ₹12 लाख होने की उम्मीद है।

इस प्रॉपर्टी में पारुल गुलाटी के ब्रांड Nish Hair का स्टोर भी है। उनके मुताबिक, यह स्टोर करीब ₹3 लाख का मुनाफा देता है। इससे हॉस्टल के करीब ₹3 लाख मासिक किराये को कवर करने में मदद मिलती है।

हॉस्पिटैलिटी बिजनेस पर पारुल गुलाटी ने क्या कहा?

पारुल ने हॉस्पिटैलिटी बिजनेस की उस तस्वीर पर भी बात की, जो सोशल मीडिया पर अक्सर काफी ग्लैमरस दिखाई देती है। उनका कहना है कि असल में किसी पुरानी प्रॉपर्टी को चलाना काफी मुश्किल है। मेंटेनेंस और अचानक आने वाले खर्च लगातार बने रहते हैं।

उन्होंने यहां तक कहा कि अगर किसी महीने ₹9 लाख की कमाई भी हो जाए, तब भी वह रकम पर्याप्त नहीं लगती। सबसे बड़ी बात यह है कि पारुल को अभी यह भी पता नहीं है कि ₹1.2 करोड़ के हॉस्टल निवेश का ब्रेक-ईवन कब होगा।

गोवा की इन दोनों प्रॉपर्टीज की कहानी दिखाती है कि रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस में सिर्फ बड़ी कमाई का अनुमान लगाना काफी नहीं होता। बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, ऑक्यूपेंसी, किराया और लगातार बढ़ते ऑपरेशनल खर्च भी मुनाफे पर बड़ा असर डालते हैं।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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