चुनाव में तेजस्वी का नया दाव, बाहुबली नेता सूरजभान सिंह थामेंगे RJD का हाथ, भूमिहार वोट बैंक पर टिकी है नजर
Bihar Politics: बिहार की सियासत में इस बार तेजस्वी यादव की भूमिहार वोट बैंक रणनीती (Tejashwi Yadav Bhumihar vote bank strategy) सबसे ज्यादा चर्चा में है। बता दें कि Tejashwi Yadav इस बार किसी भी तरह का चुनावी रिस्क नहीं लेना चाहते। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी (RJD) सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी थी, लेकिन सरकार बनाने से चूक गई थी। इसकी एक बड़ी वजह थी हर तबके का साथ न मिलना, खासकर भूमिहार समुदाय का समर्थन न मिलना।
गौरतलब है कि पिछली बार आरजेडी ने भूमिहार जाति के सिर्फ एक उम्मीदवार को टिकट दिया था। वह सीट तो जीत गई थी, लेकिन उसका असर दूसरी सीटों पर नहीं दिखा। अब तेजस्वी यादव इस कमी को दूर करने में जुट गए हैं।
भूमिहार नेताओं को लगातार जोड़ रहे हैं तेजस्वी (Tejashwi Yadav Bhumihar vote bank strategy)
इस बार तेजस्वी यादव ने चुनावी घोषणा से पहले ही अपनी पार्टी में कई सवर्ण नेताओं को शामिल कराना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस बार राजद (RJD) करीब 10 विधानसभा सीटों पर भूमिहार उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की योजना बना रही है। यह रणनीति साफ इशारा करती है कि तेजस्वी अब पारंपरिक वोट बैंक से आगे बढ़कर नए समुदायों को जोड़ने की कवायद में हैं।
परबत्ता से शुरू हुआ मिशन, सूरजभान परिवार तक पहुंचा
राजद की यह कवायद परबत्ता सीट से शुरू हुई, जहां जेडीयू के टिकट पर पिछला चुनाव जीतने वाले डॉ. संजीव कुमार अब राजद में शामिल हो गए हैं। यही नहीं, तेजस्वी यादव ने पूर्व बाहुबली सांसद सूरजभान सिंह के परिवार से भी संपर्क साधा है। हालांकि सूरजभान सिंह खुद अभी राजद में नहीं आए हैं, लेकिन चर्चा है कि उनकी पत्नी को पार्टी चुनाव मैदान में उतार सकती है। यह कदम Tejashwi Yadav Bhumihar vote bank strategy को और मजबूत बना सकता है।
किन सीटों पर भूमिहार उम्मीदवार उतार सकती है RJD
सूत्रों के मुताबिक, इस बार जिन सीटों पर भूमिहार प्रत्याशी उतर सकते हैं, उनमें कुछ प्रमुख सीटें शामिल हैं:
| संभावित विधानसभा सीट | उम्मीदवार वर्ग | अनुमानित प्रभाव क्षेत्र |
|---|---|---|
| मोकामा (Mokama) | भूमिहार | पटना-बेगूसराय बेल्ट |
| परबत्ता (Parbatta) | भूमिहार | खगड़िया-भागलपुर क्षेत्र |
| मटिहानी (Matihani) | भूमिहार | बेगूसराय क्षेत्र |
| चनपटिया (Chanpatia) | भूमिहार | पश्चिम चंपारण |
| घोसी (Ghosi) | भूमिहार | जहानाबाद-गया बेल्ट |
| अस्थावां (Asthawan) | भूमिहार | नालंदा क्षेत्र |
| लखीसराय (Lakhisarai) | भूमिहार | मगध क्षेत्र |
| लालगंज (Lalganj) | भूमिहार | वैशाली क्षेत्र |
| बिहपुर (Bihpur) | भूमिहार | भागलपुर-खगड़िया क्षेत्र |
| गोविंदगंज, केसरिया | भूमिहार | पूर्वी चंपारण |
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पिछले चुनाव में आरजेडी ने कुल 243 सीटों में से 75 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी को 74 सीटें मिली थीं। इस बार तेजस्वी यादव की नजर इस एक अतिरिक्त वोट बैंक पर है, जो उन्हें बहुमत के करीब पहुंचा सकता है।
क्या 2025 में बन पाएगा तेजस्वी का बहुमत?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी को अपने पारंपरिक मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण को संतुलित रखते हुए सवर्णों को जोड़ने की चुनौती भी रहेगी। अगर वे इस समीकरण को सही तरीके से साध लेते हैं, तो 2025 में बिहार की सत्ता की कुर्सी तक पहुंचना उनके लिए आसान हो सकता है।
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