तिब्बत में 7.0 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप, मलबे में तब्दील हुए 300 से ज्यादा घर; 16 की मौत!

चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (Tibet Region) से तबाही की एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहाँ आए एक भीषण और बेहद शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। 7.0 की तीव्रता वाले इस विनाशकारी भूकंप के कारण अब तक 16 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि 32 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
भूकंप के तेज झटकों के कारण पूरा इलाका हिल गया और देखते ही देखते 300 से अधिक मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operations) चलाया जा रहा है।
पहाड़ी इलाके में 10 किमी नीचे था भूकंप का केंद्र
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के मुताबिक, इस विनाशकारी भूकंप (Tibet Earthquake 2026) का केंद्र तिब्बत के एक दुर्गम पहाड़ी इलाके में जमीन से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर था। यह स्थान नागचू से लगभग 190 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व और तिब्बत की राजधानी ल्हासा से करीब 390 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है।
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तिब्बत भूकंप 2026: तबाही के मुख्य आंकड़े
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| भूकंप की तीव्रता | 7.0 मैग्नीट्यूड |
| तारीख और समय | गुरुवार, 22 अक्टूबर, रात 10:33 बजे |
| भूकंप का केंद्र | मारू टाउनशिप, बाछेन काउंटी, तिब्बत |
| मृतकों की संख्या | 16 लोगों की मौत |
| घायलों की संख्या | 32 लोग घायल |
| मकानों को नुकसान | 300 से अधिक मकान ढहे |
| आपातकालीन कार्रवाई | लेवल-2 भूकंप आपदा प्रतिक्रिया लागू |
| राहत एवं बचाव | अभियान जारी, नुकसान का आकलन किया जा रहा है |
नोट: ये आंकड़े उपलब्ध रिपोर्ट पर आधारित हैं। मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
कम गहराई पर केंद्र होने के कारण झटके बेहद तीव्र थे। मारू टाउनशिप के उप प्रमुख ल्हावांग दागपो ने बताया कि,
टाउनशिप कार्यालय की मजबूत दीवारें भी इस झटके को बर्दाश्त नहीं कर पाईं और उनमें बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं।
▶️ At least 16 reportedly killed after a 7.0 magnitude earthquake rocked China’s Tibet region.
Via @PressTV https://t.co/7k8VGbOV7F
— Daniella Modos – Cutter -SEN (@DmodosCutter) October 22, 2026
बिजली और संचार सेवाएं पूरी तरह ठप
भूकंप का सबसे बड़ा असर बुनियादी ढांचे पर पड़ा है। बाछेन काउंटी के मुख्य कस्बे सहित कई ग्रामीण इलाकों में बिजली और दूरसंचार (Telecommunication) सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। ब्लैकआउट और मोबाइल नेटवर्क गायब होने के कारण रेस्क्यू टीमों को मलबे में दबे लोगों तक पहुंचने और उनसे संपर्क करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में आपदा प्रबंधन की टीम को तुरंत रवाना कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे दूरदराज के गांवों से संपर्क बहाल होगा, हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।
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पुराने विनाशकारी भूकंपों की यादें हुईं ताजा
तिब्बत और उसके आसपास का यह पूरा बेल्ट भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इस ताजा आपदा ने इतिहास के कुछ बड़े और खौफनाक भूकंपों की यादें ताजा कर दी हैं:
जनवरी 2025 का भूकंप: तिब्बत की ग्रामीण तिंगरी काउंटी में आए तेज भूकंप के कारण कम से कम 126 लोगों की जान चली गई थी।
साल 2010 की त्रासदी: पड़ोसी छिंगहाई प्रांत के युशू क्षेत्र में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने 2,698 लोगों की जान ले ली थी और 300 से अधिक लोग लापता हो गए थे।
सीमा पर प्राकृतिक आपदाएं: इसके अलावा, 26 अगस्त 2026 को नेपाल-चीन सीमा के इलाकों में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन में 1,400 से अधिक लोग काल के गाल में समा चुके हैं।
फिलहाल, तिब्बत प्रशासन का पूरा जोर मलबे को हटाने और घायल लोगों को समय पर इलाज मुहैया कराने पर है। आने वाले घंटों में नुकसान की स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

