बक्सर से जुड़े मुख्यमंत्री के PA हत्याकांड के तार, बंगाल STF ने 3 को दबोचा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में अब बिहार कनेक्शन सामने आया है। जांच एजेंसियों ने बक्सर से दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों तक पहुंचने में UPI पेमेंट बड़ा सुराग बना। बता दें कि इस सनसनीखेज हत्या के बाद कई राज्यों में लगातार छापेमारी चल रही थी, जिसके बाद अब बड़ा खुलासा हुआ है।
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बक्सर से लेकर बलिया तक एक्शन
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी है और इसका कनेक्शन बिहार के बक्सर से भी जुड़ता दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार बंगाल एसटीएफ की टीम रविवार को अचानक बक्सर पहुंची, जहां स्थानीय पुलिस से बातचीत के बाद कई जगह छापेमारी की गई। इस दौरान नावानगर के मयंक राज मिश्रा और सिकरौल के विक्की मौर्य को हिरासत में लिया गया, जबकि पूछताछ के बाद विशाल श्रीवास्तव को छोड़ दिया गया।
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वहीं रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बलिया से राज सिंह को भी पकड़ा गया। बाद में तीनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और नॉर्थ 24 परगना के बारासात कोर्ट में पेश किया गया। अब इस मामले में कई बड़े खुलासों (Chandranath Rath Murder Buxar Connection) की उम्मीद जताई जा रही है।
यूपीआई पेमेंट ने खोला हत्यारों का राज
इस मामले में पुलिस को सबसे अहम सुराग डिजिटल पेमेंट से मिला। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी कोलकाता के पास बाली टोल प्लाजा से गुजरे थे, जहां उन्होंने यूपीआई के जरिए भुगतान किया था। इसके बाद जांच टीम ने टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज और पेमेंट रिकॉर्ड खंगाले, जिससे आरोपियों की पहचान करने और उनके भागने का रास्ता समझने में मदद मिली।
हालांकि पुलिस ने अभी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि यही डिजिटल सबूत गिरफ्तारी की सबसे बड़ी कड़ी साबित हुए।
घर से 200 मीटर पहले कार रोककर बदमाशों ने किया हमला
रिपोर्ट के अनुसार 6 मई की रात चंद्रनाथ रथ अपनी एसयूवी गाड़ी से नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम स्थित घर लौट रहे थे, तभी घर से करीब 200 मीटर पहले एक सिल्वर रंग की निसान माइक्रा कार ने उनका रास्ता रोक लिया। जैसे ही गाड़ी रुकी, बाइक सवार बदमाश वहां पहुंचे और बेहद नजदीक से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
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गोली लगने से आगे की सीट पर बैठे चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को शक है कि यह हमला पहले से रची गई साजिश का हिस्सा था, क्योंकि हमलावरों को यह जानकारी थी कि वह कार में कहां बैठे हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस वारदात में करीब 8 लोग शामिल हो सकते हैं, जिनमें कुछ स्थानीय मददगार भी हो सकते हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल सिल्वर निसान माइक्रा कार और दो बाइक बरामद कर ली हैं, जिन्हें शुरुआती जांच में चोरी का वाहन बताया जा रहा है।
