भारत के अस्पताल कारोबार पर विदेशी दिग्गज का बड़ा दांव, KKR ने 11 हजार करोड़ में खरीदा मेडिकोवर इंडिया का कारोबार

KKR Acquires Medicover India: भारत में हेल्थकेयर सेक्टर तेजी से दुनिया की बड़ी निवेश कंपनियों को आकर्षित कर रहा है। इसी बीच अमेरिकी निवेश दिग्गज KKR ने 1.3 अरब डॉलर (करीब 11 हजार करोड़ रुपये) की बड़ी डील कर मेडिकोवर इंडिया के पूरे अस्पताल कारोबार को खरीदने का फैसला किया है। इसे भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी प्राइवेट इक्विटी डील्स में गिना जा रहा है।
इस सौदे के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि आखिर भारत का अस्पताल कारोबार विदेशी निवेशकों के लिए इतना आकर्षक क्यों बन गया है।
KKR ने मेडिकोवर इंडिया में खरीदी 100% हिस्सेदारी
KKR ने स्वीडन की कंपनी मेडिकोवर एबी के भारतीय अस्पताल कारोबार का पूरा अधिग्रहण करने का समझौता किया है। इस डील के तहत KKR कंपनी की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। पहले मेडिकोवर के पास 66.1 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि 33.9 प्रतिशत हिस्सेदारी अन्य निवेशकों के पास थी। अब इस सौदे के बाद मेडिकोवर भारत के अस्पताल कारोबार से पूरी तरह बाहर हो जाएगी।
इस डील के बदले मेडिकोवर को 740 मिलियन यूरो की सकल नकद राशि मिलेगी। हालांकि, यह लेनदेन अभी नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद ही पूरा होगा। कंपनी को उम्मीद है कि इस साल की चौथी तिमाही तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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2017 से शुरू हुआ सफर, आज 24 अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क
मेडिकोवर ने साल 2017 में भारत में एक अल्पांश निवेशक के रूप में कदम रखा था। कुछ ही वर्षों में कंपनी ने दक्षिण और पश्चिम भारत में अपना मजबूत अस्पताल नेटवर्क तैयार कर लिया। फिलहाल मेडिकोवर इंडिया के पास 24 अस्पताल और लगभग 4,800 बेड हैं।
जून 2026 तक कंपनी का वार्षिक राजस्व 220.5 मिलियन यूरो तक पहुंच चुका था, जो भारतीय मुद्रा में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है। दिलचस्प बात यह है कि मेडिकोवर पिछले साल दिसंबर से भारत में आईपीओ लाने पर भी विचार कर रही थी। लेकिन बाद में कंपनी ने कारोबार बेचने का फैसला किया ताकि वह पोलैंड, जर्मनी और रोमानिया जैसे अपने प्रमुख यूरोपीय बाजारों में निवेश बढ़ा सके।
भारत पर लगातार मजबूत हो रहा KKR का भरोसा
यह KKR का भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में पहला बड़ा निवेश नहीं है। कंपनी वर्ष 2004 से दुनिया भर के हेल्थकेयर उद्योग में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर चुकी है। भारत में KKR ने 2018 में मैक्स हेल्थकेयर में 293 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। इसके बाद 2022 में उसने अपनी हिस्सेदारी करीब 1.16 अरब डॉलर में बेचकर बड़ा मुनाफा कमाया।
इसके बाद कंपनी ने 2024 में हेल्थियम मेडटेक का 839 मिलियन डॉलर में अधिग्रहण किया और केरल के बेबी मेमोरियल हॉस्पिटल में नियंत्रक हिस्सेदारी भी खरीदी। पिछले वर्ष KKR ने HCG में 54 प्रतिशत हिस्सेदारी लगभग 400 मिलियन डॉलर में खरीदी थी।
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अब मेडिकोवर इंडिया का अधिग्रहण इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भारत का हेल्थकेयर सेक्टर वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है।
कोविड महामारी के बाद भारतीय हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 अरब डॉलर से अधिक का निजी इक्विटी निवेश आ चुका है। वर्ष 2020 के बाद इस सेक्टर में होने वाली बड़ी डील्स की संख्या तीन गुना से अधिक बढ़ गई है। ऐसे में विशेषज्ञ मान रहे हैं कि मेडिकोवर इंडिया की यह डील 2026 में भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर में और बड़े विदेशी निवेश का रास्ता खोल सकती है।




