Swastika Infra IPO: ₹185 के भाव पर खुलेगा इश्यू, जानिए कितने रुपये से कर सकेंगे निवेश

राजस्थान की EPC कंपनी Swastika Infra अपना IPO लेकर बाजार में उतरने जा रही है। कंपनी ने शेयर की कीमत ₹175 से ₹185 प्रति शेयर तय की है और इस इश्यू के जरिए करीब ₹161 करोड़ जुटाने की योजना है। निवेशकों के लिए IPO से जुड़ी तारीखें और न्यूनतम निवेश राशि भी सामने आ गई है।
Swastika Infra IPO की प्रमुख जानकारी
Swastika Infra का IPO 23 सितंबर 2026 को आम निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी ने IPO के लिए ₹175 से ₹185 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी करीब ₹161 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी का अनुमानित वैल्यूएशन करीब ₹631 करोड़ है।
Fresh Issue और OFS से जुटाएगी रकम
IPO में करीब ₹128.5 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा मौजूदा शेयरधारक और प्रमोटर 17.5 लाख शेयर Offer for Sale यानी OFS के तहत बेचेंगे। इससे करीब ₹32.4 करोड़ जुटाए जाने की उम्मीद है। OFS से मिलने वाली रकम कंपनी को नहीं मिलेगी, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।
इस IPO का आकार पहले प्रस्तावित इश्यू के मुकाबले कम किया गया है। मार्च 2025 में SEBI के पास दाखिल ड्राफ्ट पेपर में ₹200 करोड़ के फ्रेश इश्यू के साथ 19.2 लाख शेयरों के OFS का प्रस्ताव रखा गया था। इन ड्राफ्ट दस्तावेजों को अगस्त 2025 में पूंजी बाजार नियामक से मंजूरी मिली थी।
कितने शेयरों के लिए करना होगा आवेदन?
Swastika Infra IPO में रिटेल निवेशकों को कम से कम 81 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। इसके बाद 81 शेयरों के गुणक में आवेदन किया जा सकेगा। ₹185 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से न्यूनतम आवेदन राशि ₹14,985 होगी।
रिटेल निवेशकों के लिए अधिकतम निवेश राशि ₹1,94,805 तय की गई है। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा Qualified Institutional Buyers यानी QIB के लिए आरक्षित है। वहीं, Non-Institutional Investors यानी NII के लिए 15 प्रतिशत और रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा रखा गया है।
कब खुलेगा IPO और कब होगी लिस्टिंग?
Swastika Infra IPO का एंकर बुक 22 सितंबर को एक दिन के लिए खुलेगा। इसके बाद 23 सितंबर को पब्लिक इश्यू की शुरुआत होगी। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार शेयरों का अलॉटमेंट 28 सितंबर तक फाइनल होने की संभावना है।
इसके बाद Swastika Infra के शेयरों की बाजार में ट्रेडिंग 30 सितंबर से शुरू हो सकती है। यानी IPO में आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए अलॉटमेंट के बाद शेयरों की लिस्टिंग और ट्रेडिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| न्यूनतम बोली | 81 शेयर |
| आवेदन का गुणक | 81 शेयर के गुणक में |
| IPO प्राइस बैंड | ₹175-₹185 प्रति शेयर |
| न्यूनतम आवेदन राशि | ₹14,985 |
| रिटेल निवेशकों की अधिकतम राशि | ₹1,94,805 |
| QIB के लिए आरक्षित हिस्सा | 50% |
| NII के लिए आरक्षित हिस्सा | 15% |
| रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा | 35% |
| एंकर बुक | 22 सितंबर |
| IPO की तारीख | 23 सितंबर |
| शेयर अलॉटमेंट | 28 सितंबर तक संभावित |
| शेयर बाजार में ट्रेडिंग | 30 सितंबर से संभावित |
| अपर प्राइस बैंड पर अनुमानित वैल्यूएशन | करीब ₹631 करोड़ |
IPO से मिलने वाले पैसों का कहां इस्तेमाल करेगी कंपनी?
कंपनी IPO से मिलने वाली नई पूंजी का बड़ा हिस्सा अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल करेगी। बची हुई रकम का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। दूसरी ओर, OFS से मिलने वाली रकम सीधे शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी।
Swastika Infra क्या काम करती है?
Swastika Infra Limited की शुरुआत अगस्त 2019 में हुई थी। यह EPC (Engineering, Procurement and Construction) कंपनी है, जो मुख्य रूप से पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी बिजली से जुड़े प्रोजेक्ट्स में डिजाइन से लेकर सामान की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और प्रोजेक्ट को शुरू करने तक की सेवाएं देती है।
कंपनी के काम में अंडरग्राउंड बिजली केबल बिछाना, GIS (Gas Insulated Substation), AIS (Air Insulated Substation) और ग्रिड सबस्टेशन का निर्माण शामिल है। इसके अलावा Swastika Infra ग्रामीण और शहरी विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाइटिंग और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी करती है।
पावर डिस्ट्रीब्यूशन के लिए कंपनी पावर ट्रांसफॉर्मर, सर्किट ब्रेकर, Ring Main Unit और दूसरे जरूरी इलेक्ट्रिकल उपकरणों की स्थापना भी करती है।
31 जुलाई 2026 तक कंपनी छह राज्यों में 36 EPC Power Projects पूरे कर चुकी थी। इन प्रोजेक्ट्स के तहत कुल 18,579.47 किलोमीटर डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का काम किया गया, जिसकी कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू ₹7,646.7 करोड़ थी। वहीं, कंपनी के पास छह राज्यों में 18 चालू EPC Power Projects थे। इनका कुल ऑर्डर वैल्यू ₹2,036.65 करोड़ था।
सरकारी कंपनियों के लिए भी कर चुकी है काम
Swastika Infra ने कई सरकारी बिजली कंपनियों और इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों के लिए भी काम किया है। इनमें WBSEDCL, MGVCL, APDCL, GED, HPSEBL, UHBVN, JVVNL, UPCL, AVVNL, RSDCL, MSEDCL और RRVPNL जैसे नाम शामिल हैं। कंपनी के कई प्रोजेक्ट्स को वर्ल्ड बैंक की फंडिंग या भारत सरकार के Ministry of Power का समर्थन मिला है।
कंपनी ऐसेट-लाइट बिजनेस मॉडल पर काम करती है। इसके तहत निर्माण स्थल पर उपकरणों और ढांचे की स्थापना का काम आमतौर पर थर्ड-पार्टी कॉन्ट्रैक्टर्स के जरिए कराया जाता है। वहीं, कंपनी की केंद्रीय खरीद टीम प्रोजेक्ट के लिए जरूरी निर्माण सामग्री और इलेक्ट्रिकल उपकरणों की व्यवस्था करती है।
कंपनी के अपने प्रोजेक्ट इंजीनियर और मैनेजर पूरे काम की निगरानी करते हैं। ये टीम प्रोजेक्ट की गुणवत्ता, डिजाइन, काम की समयसीमा और निर्माण की प्रक्रिया पर नजर रखती है। 31 जुलाई 2026 तक Swastika Infra में कुल 182 पूर्णकालिक कर्मचारी थे।
इनमें 65 इंजीनियर और तकनीशियन, जबकि 52 कर्मचारी प्रोजेक्ट के काम की निगरानी और अन्य जिम्मेदारियों से जुड़े थे। कंपनी की टीम में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिविल क्षेत्र के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
Swastika Infra के Financials
Swastika Infra के वित्तीय आंकड़ों में पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी की कुल आय ₹505.57 करोड़ रही, जो वित्त वर्ष 2025 की ₹352.60 करोड़ की तुलना में करीब 43.4 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में कंपनी का PAT (Profit After Tax) ₹27.45 करोड़ से बढ़कर ₹41.43 करोड़ हो गया, जो करीब 51 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
कंपनी का EBITDA भी इस दौरान ₹43.89 करोड़ से बढ़कर ₹70.85 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी की नेटवर्थ में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। 31 मार्च 2025 को ₹77.02 करोड़ की नेटवर्थ मार्च 2026 तक बढ़कर ₹156.78 करोड़ हो गई।
| वित्तीय आंकड़े | 31 मार्च 2026 | 31 मार्च 2025 | 31 मार्च 2024 |
|---|---|---|---|
| कुल संपत्ति (Assets) | ₹412.24 करोड़ | ₹258.54 करोड़ | ₹143.26 करोड़ |
| कुल आय (Total Income) | ₹505.57 करोड़ | ₹352.60 करोड़ | ₹211.33 करोड़ |
| शुद्ध लाभ (PAT) | ₹41.43 करोड़ | ₹27.45 करोड़ | ₹13.98 करोड़ |
| EBITDA | ₹70.85 करोड़ | ₹43.89 करोड़ | ₹23.71 करोड़ |
| नेटवर्थ (Net Worth) | ₹156.78 करोड़ | ₹77.02 करोड़ | ₹49.57 करोड़ |
| रिजर्व और सरप्लस | ₹129.60 करोड़ | ₹52.27 करोड़ | ₹24.82 करोड़ |
| कुल उधारी (Total Borrowing) | ₹114.64 करोड़ | ₹111.02 करोड़ | ₹43.82 करोड़ |
* आंकड़े ₹ करोड़ में हैं और कंपनी के पुनःनिर्धारित वित्तीय आंकड़ों (Restated Financials) पर आधारित हैं।
मार्च 2026 में कंपनी की EPC परियोजनाओं से होने वाला राजस्व भी बढ़कर ₹487.8 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 43.9 प्रतिशत अधिक है। IPO के प्रबंधन की जिम्मेदारी Srujan Capital Advisors और PhillipCapital India को दी गई है।
Swastika Infra IPO ऐसे समय बाजार में आ रहा है जब निवेशकों की नजर नई कंपनियों के पब्लिक इश्यू पर बनी हुई है। हालांकि, IPO में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़े, कारोबार से जुड़े जोखिम, वैल्यूएशन और IPO दस्तावेजों में दी गई जानकारी को ध्यान से देखना जरूरी है।

