भारी सोने के गहनों का क्रेज हुआ कम! 15% घटी बिक्री, जानिए अब किस ओर बढ़ा ग्राहकों का रुझान

Gold Sales India 2026: त्योहारी सीजन में सोना खरीदना भारतीय परिवारों की पुरानी परंपरा रही है, लेकिन इस बार रिकॉर्ड कीमतों ने ग्राहकों की पसंद बदल दी है। गणेश चतुर्थी पर सोने की कुल बिक्री में करीब 15 फीसदी की गिरावट देखने को मिली, फिर भी बाजार में खरीदार पूरी तरह गायब नहीं हुए।
दरअसल, पिछले साल की तुलना में सोने की कीमत करीब 60 फीसदी तक बढ़ चुकी है और 1 ग्राम सोने का भाव ₹15,000 के पार पहुंच गया है। ऐसे में लोगों ने भारी गहनों के बजाय हल्के आभूषण, पुराने गहनों की एक्सचेंज खरीदारी और सोने के सिक्कों-बिस्कुट का रुख किया है।
रिकॉर्ड कीमतों ने त्योहार पर घटाई सोने की बिक्री
गणेश चतुर्थी के मौके पर आमतौर पर सर्राफा बाजारों में अच्छी भीड़ देखने को मिलती है। लोग त्योहार को शुभ मानकर सोने और दूसरे कीमती आभूषणों की खरीदारी करते हैं। इस बार तस्वीर थोड़ी अलग रही। सोने के दाम ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण ग्राहकों के बजट पर सीधा असर पड़ा।
पिछले साल के मुकाबले सोने की कीमत में करीब 60 फीसदी की बढ़ोतरी ने आम खरीदारों के लिए बड़े गहने खरीदना मुश्किल कर दिया है। 1 ग्राम सोने की कीमत ₹15,000 से ज्यादा होने के कारण गणेश चतुर्थी पर सोने की कुल बिक्री में लगभग 15 फीसदी की कमी दर्ज की गई।
हालांकि, बिक्री में कमी को इस तरह नहीं देखा जा रहा है कि लोगों ने सोना खरीदना छोड़ दिया है। बाजार में खरीदारी जारी है, लेकिन ग्राहक अब अपने बजट के हिसाब से अलग-अलग विकल्प चुन रहे हैं।
पुराने गहनों के बदले नए और हल्के डिजाइन की मांग
महंगे सोने ने ग्राहकों की पसंद में बड़ा बदलाव किया है। कई लोग अपने पुराने गहने लेकर ज्वेलरी दुकानों पर पहुंच रहे हैं और उनके बदले नए डिजाइन के हल्के आभूषण खरीद रहे हैं। इससे ग्राहकों को अपनी पसंद का नया गहना मिलता है और भारी वजन वाले नए गहने खरीदने की जरूरत कम हो जाती है।
आज के ग्राहक ऐसे आभूषण पसंद कर रहे हैं जिन्हें केवल शादी या किसी बड़े समारोह में ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा में भी पहना जा सके। इसी वजह से हल्के सोने के गहनों की मांग बढ़ती दिखाई दे रही है।
गणेश चतुर्थी के दौरान सोने के सिक्कों और बिस्कुट की मांग में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। भारी गहनों की जगह कुछ ग्राहक छोटे वजन के सोने के सिक्के और बिस्कुट खरीदना पसंद कर रहे हैं। इससे साफ है कि महंगे सोने के दौर में लोग अपनी खरीदारी को छोटे बजट में बांट रहे हैं।
हल्के सोने के साथ डायमंड ज्वेलरी को लेकर भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ी है। त्योहारों और आने वाले शादी के सीजन में ऐसी ज्वेलरी की मांग बाजार के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
हॉलमार्किंग फीस बढ़ने से भी बढ़ा खर्च
सोने की कीमतों के बीच खरीदारों के सामने हॉलमार्किंग फीस बढ़ने का भी असर आया है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने के आभूषणों पर लगने वाली अनिवार्य हॉलमार्किंग फीस को ₹45 से बढ़ाकर ₹75 प्रति आभूषण कर दिया है। यह नई दर 14 सितंबर 2026 से लागू हो चुकी है।
रिकॉर्ड कीमतों के बीच अतिरिक्त शुल्क भी खरीदारों के कुल खर्च को प्रभावित करता है। ऐसे में ग्राहक गहना खरीदते समय उसके वजन, डिजाइन और बजट पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
बाजार में मौजूदा स्थिति से यह संकेत मिलता है कि सोने की महंगी कीमतों के बावजूद इसकी मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ग्राहक अब बड़े और भारी गहनों के बजाय हल्के डिजाइन, पुराने गहनों के एक्सचेंज और छोटे वजन के सोने के सिक्कों या बिस्कुट जैसे विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सर्राफा कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले शादी के सीजन में बदली हुई खरीदारी की यह आदत बाजार में गतिविधि बढ़ा सकती है।

