अब घर के छतों पर उगने लगी ताजी सब्जियां, शहरी लोग तेजी से अपना रहे हैं यह ट्रेंड; नौकरीपेशा और बिजनेस करने वाले भी बना रहे छत पर ग्रीन हाउस

A modern rooftop greenhouse farming setup in an urban city
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Greenhouse Farming: अगर आप किसी बड़े शहर में रहते हैं और खेती करने का शौक रखते हैं, लेकिन जमीन न होने के कारण मायूस हैं, तो यह खबर आपके लिए है। दरसल ग्रीन हाउस खेती अब सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं रही है। ऊंची इमारतों और हाईटेक सिटी के बीच भी लोग छत या छोटे गार्डन में ग्रीन हाउस बनाकर पौधे और सब्जियां उगा रहे हैं। गौरतलब है कि पहले यह तकनीक विदेशों में ज्यादा लोकप्रिय थी, लेकिन अब भारत के किसान और शहरी लोग भी इसे तेजी से अपनाने लगे हैं।

Greenhouse Farming: क्या है ग्रीन हाउस खेती?

ग्रीन हाउस खेती (Greenhouse Farming) एक आधुनिक तकनीक है जिसमें पौधों को कृत्रिम “हरे घर” जैसे ढांचे में उगाया जाता है। इसे जालीदार कपड़े या प्लास्टिक शीट से ढककर ऐसा वातावरण बनाया जाता है जहाँ तापमान और नमी नियंत्रित रहती है। खास बात है कि इसमें पौधों की ग्रोथ तेज और सुरक्षित होती है। यही वजह है कि आजकल किसान और शहरों में रहने वाले लोग भी छत और गार्डन में ग्रीन हाउस लगाकर टमाटर, खीरा और पालक जैसी सब्जियां उगा रहे हैं।

कैसे काम करता है ग्रीन हाउस?

ग्रीन हाउस के अंदर पौधों को एक नियंत्रित वातावरण मिलता है –

  • न तो ज्यादा गर्मी का असर होता है और न ही कड़ाके की ठंड।
  • पौधे बारिश, धूल, हवा और जानवरों से सुरक्षित रहते हैं।
  • कीट और रोग का असर भी कम हो जाता है।

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ग्रीन हाउस खेती के बड़े फायदे

विशेषज्ञों के अनुसार, Greenhouse Farming के कई फायदे हैं, खासकर शहरों में रहने वाले लोगों के लिए।

1. उत्पादन में बढ़ोतरी

ग्रीन हाउस खेती में पौधों के लिए अनुकूल जलवायु बनाई जाती है। इससे फसल का उत्पादन सामान्य खेती की तुलना में ज्यादा होता है।

2. मौसम से सुरक्षा

बता दें कि अचानक मौसम बदलने से खेत की फसलों को अक्सर भारी नुकसान होता है। लेकिन ग्रीन हाउस में पौधों को गर्मी, ठंड और बारिश से सुरक्षा मिलती है।

3. कीट और रोग नियंत्रण

खास बात है कि ग्रीन हाउस के भीतर पौधे कीट और रोगों से काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं। अगर कोई पौधा संक्रमित हो भी जाए, तो उसे बाकी पौधों से अलग करना आसान होता है।

4. सूरज की हानिकारक किरणों से बचाव

गौरतलब है कि सीधी धूप और अल्ट्रावायलेट किरणें कई बार पौधों को नुकसान पहुंचाती हैं। ग्रीन हाउस की जाली पौधों को इन हानिकारक किरणों से बचाती है।

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शहरों में क्यों बढ़ रही है ग्रीन हाउस खेती की मांग?

आज के समय में शहरों में रहने वाले लोगों के पास जमीन कम होती है। ऐसे में ग्रीन हाउस खेती उनके लिए बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। छत पर बने छोटे-छोटे ग्रीन हाउस में लोग टमाटर, खीरा, मिर्च, पालक और कई तरह की हरी सब्जियां आसानी से उगा रहे हैं। इसके अलावा लोग अब बाजार की सब्जियों की बजाय अपने गार्डन की ऑर्गेनिक सब्जियां खाना पसंद कर रहे हैं। यह खेती न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद है बल्कि प्रदूषण और कैमिकल वाली सब्जियों पर निर्भरता भी घटाती है।

बता दें कि कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि आने वाले समय में Greenhouse Farming शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। यह न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि शहरी लोगों को भी ताजा और सुरक्षित सब्जियां उपलब्ध कराएगी। हालांकि, शुरुआती सेटअप पर थोड़ा खर्च आता है, लेकिन लंबे समय में यह फायदेमंद साबित होता है। सरकार भी अब लोगों को ग्रीन हाउस खेती के लिए सब्सिडी देने की दिशा में काम कर रही है।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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