The Taj Story: ताजमहल के नीचे बने उन 22 कमरों का क्या है सच? परेश रावल खोलेंगे कई राज

The Taj Story Trailer Controversy
1 min read

The Taj Story Trailer: बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता परेश रावल इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म The Taj Story को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ है और इसमें दिखाए गए कुछ संवादों ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त बहस छेड़ दी है। बता दें कि इस फिल्म में Paresh Rawal एक गाइड विष्णु दास का किरदार निभा रहे हैं, जो ताज महल के इतिहास और असलियत पर सवाल उठाते नज़र आते हैं।

The Taj Story Trailer और विवादित डायलॉग

The Taj Story Trailer में फिल्म का टोन पूरी तरह कोर्टरूम ड्रामा जैसा है, जहाँ बहस, सबूत और ऐतिहासिक दावे दिखाई देते हैं। एक सीन में परेश रावल यह कहते नज़र आते हैं कि- “ताज महल के तहखाने में 22 कमरे क्यों थे, और उनमें क्या था?”

इतना ही नहीं, वो DNA टेस्ट कराने की मांग करते हुए भी दिखते हैं। लिहाजा Paresh Rawal का ये डायलॉग सोशल मीडिया पर बवाल का कारण बन गया है।

ये भी पढ़ें: प्रेमानंद महाराज की बिगड़ती तबीयत के बीच मदद के लिए आगे आए एजाज खान, किडनी डोनेट करने की जताई इच्छा

The Taj Story की टीम और रिलीज डेट

गौरतलब है कि “द ताज स्टोरी” के लेखक और निर्देशक तुषार अमरीश गोयल (Tushar Amrish Goel) हैं। फिल्म में Paresh Rawal के अलावा जाकिर हुसैन, बृजेंद्र काला, श्रीकांत वर्मा, शिशिर शर्मा, अखिलेंद्र मिश्रा, नमित दास और कर्मवीर चौधरी जैसे शानदार कलाकार शामिल हैं। फिल्म का निर्माण स्वर्णिम ग्लोबल सर्विसेज के बैनर तले हुआ है और इसे 31 अक्टूबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

दर्शकों की प्रतिक्रिया

हालांकि ट्रेलर पर दर्शकों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कई लोगों ने परेश रावल की शानदार एक्टिंग और कोर्टरूम सीन की इंटेंसनेस की तारीफ की है, वहीं कुछ लोगों ने फिल्म को इतिहास से जुड़ी संवेदनशील भावनाओं को भड़काने वाला बताया है। विवाद बढ़ने पर मेकर्स ने सफाई दी कि फिल्म का उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर बहस और विचार प्रस्तुत करना है।

ये भी पढ़ें: ये हैं दुनियाँ के वो खास देश जहां बिना पासपोर्ट यात्रा कर सकते हैं भारतीय नागरिक, जानिए क्या है नियम

क्या इतिहास और कल्पना के बीच उलझेगी ‘The Taj Story’?

खास तौर पर यह फिल्म उसी श्रेणी में आती है जहाँ इतिहास और कल्पना (History vs Imagination) के बीच की रेखा धुंधली पड़ जाती है। गौरतलब है कि ताज महल से जुड़े कई दावे और थ्योरीज़ पहले भी चर्चा का विषय बन चुके हैं, जिनका कई बार ASI (Archaeological Survey of India) ने खंडन किया है। लेकिन फिर भी ऐसे विषय दर्शकों के बीच जिज्ञासा और बहस दोनों को जन्म देते हैं।

ऐसे ही और महत्वपूर्ण खबरों को अपने फोन पर पाने के लिए, जुड़िए हमारे साथ

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें

About the Author

Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

View all articles by Veer Rai →