बक्सर: बड़ी मठिया में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, न्यास भूमि पर जबरन सड़क निर्माण का आरोप, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

Buxar Badi Mathiya Land Dispute
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बक्सर: बिहार के बक्सर जिले में स्थित बड़ी मठिया रामरेखा घाट एक बार फिर सुर्खियों में है। बता दें कि हाल ही में 1008 महंत श्री चन्द्रमादास के परमपद के बाद उनके उत्तराधिकारी के रूप में श्यामादास का विधि-विधान से गद्दीनशीं संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में जिला प्रशासन, अनुमंडल प्रशासन और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी रही, जिससे यह प्रक्रिया पूरी तरह वैध और शांतिपूर्ण रही।

हालांकि, इसी बीच न्यास की रैयती जमीन पर जबरन पथ निर्माण का मामला सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। गौरतलब है कि यह विवाद नया बाजार वार्ड संख्या 4 से जुड़ा हुआ है, जहां मिट्टी डालकर रास्ता बनाने का प्रयास किया गया।

न्यास की रैयती जमीन पर मिट्टी डालकर रास्ता बनाने का आरोप

न्यास कार्यालय, बड़ी मठिया रामरेखा घाट की ओर से जिला पदाधिकारी को दिए गए पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि मौजा पाण्डेयपट्टी, थाना संख्या 324, खाता संख्या 315 (नया सर्वे 43/पुराना सर्वे), खेसरा संख्या 602 नया एवं 992 पुराना की जमीन न्यास की रैयती संपत्ति है।

खास बात है कि 20 जनवरी 2026 को भक्तों से सूचना मिलने के बाद जब न्यास प्रबंधन ने स्थल का निरीक्षण किया, तो पाया गया कि भूखंड के बीचों-बीच मिट्टी डालकर उसे दो हिस्सों में बांटने की कोशिश की गई है। इसे न्यास प्रबंधन ने गंभीर साजिश करार दिया है।

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गद्दीनशीं के बाद क्यों बढ़ी संवेदनशीलता?

इस पूरे प्रकरण को और संवेदनशील इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह घटना महंत श्री चन्द्रमादास के निधन के तुरंत बाद सामने आई है। हालाकी गद्दीनशीं की प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही, लेकिन शोक के माहौल में जमीन पर इस तरह की गतिविधि सामने आने से भक्तों में आक्रोश देखा जा रहा है। न्यास से जुड़े लोगों का कहना है कि,

आस्था से जुड़ी संपत्ति के साथ इस तरह का व्यवहार न सिर्फ कानूनन गलत है, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाता है

नगर परिषद पर टेंडर के नाम पर साजिश का आरोप

बड़ी मठिया के प्रबंधक केदारनाथ सिंह ने आरोप लगाया है कि,

नगर परिषद कार्यालय द्वारा किसी टेंडर के नाम पर यह कार्य कराया जा रहा है। लेकिन न तो न्यास कार्यालय और न ही बिहार राज्य हिंदू धार्मिक न्यास परिषद को इसकी कोई पूर्व सूचना दी गई।

Ramrekha Ghat Buxar Badi Mathiya Land Dispute
भूखंड के बीचों-बीच मिट्टी डालकर उसे दो हिस्सों में बांटने की कोशिश

गौरतलब है कि इसे सरकारी निधि के संभावित दुरुपयोग और किसी खास व्यक्ति को निजी लाभ पहुंचाने की साजिश बताया गया है। प्रबंधक का कहना है कि यदि यह भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए ली जानी थी, तो भूमि अधिग्रहण की विधिवत प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी।

कानून के उल्लंघन का भी जिक्र

न्यास की ओर से दिए गए पत्र में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950, भूमि अधिग्रहण कानून और नगर परिषद के नियमों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। न्यास प्रबंधन ने इस पूरे मामले (Buxar Badi Mathiya Land Dispute) में धार्मिक न्यास परिषद, पटना से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

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न्यास की प्रमुख मांगें क्या हैं?

इस पूरे मामले में न्यास की ओर से प्रशासन के सामने साफ और कड़ी मांगें रखी गई हैं। न्यास प्रबंधन ने कहा है कि,

जिस टेंडर के नाम पर रैयती जमीन पर काम कराया जा रहा है, उसे तुरंत रद्द किया जाए, जमीन पर डाली गई मिट्टी को फौरन हटाया जाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी जा चुकी है। अब सवाल सिर्फ जमीन का नहीं रह गया है, बल्कि यह आस्था, संपत्ति और कानून से जुड़ा संवेदनशील मामला बन चुका है। ऐसे में प्रशासन और धार्मिक न्यास परिषद क्या रुख अपनाते हैं, इस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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