स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश, ‘शक्ति की सप्तधारा’ से लेकर युवाओं और सुरक्षा तक, प्रधानमंत्री ने किए अहम ऐलान

PM Modi Independence Day Speech 2026
1 min read

PM Modi Independence Day Speech 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विकसित भारत 2047 का रोडमैप बताते हुए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का जिक्र किया। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर कृषि, तकनीक, रक्षा और ग्रीन-ब्लू इकोनॉमी तक सात क्षेत्रों को भारत की बड़ी ताकत बताया गया।

पीएम मोदी ने अपने भाषण में युवाओं, आत्मनिर्भरता, महिला शक्ति, जनगणना, राष्ट्रीय सुरक्षा और सिविल डिफेंस को लेकर भी कई अहम बातें कहीं। उन्होंने देशवासियों से मिलकर विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने का आह्वान किया।

विकसित भारत के लिए पीएम मोदी ने बताईं 7 बड़ी ताकतें

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि,

भारत को आजादी की 100वीं वर्षगांठ यानी 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए देश को अपनी उन शक्तियों को और मजबूत करना होगा, जो आने वाले वर्षों में विकास की रफ्तार बढ़ा सकती हैं।

उन्होंने ‘शक्ति की सप्तधारा’ के तहत मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक और नवाचार, गतिशक्ति, रक्षा, ग्रीन-ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर को प्रमुख आधार बताया। पीएम मोदी ने कहा कि,

देश को लगातार सुधारों के साथ आगे बढ़ना होगा। भारत के पास समय भी है, अवसर भी है और संकल्प भी। अब इन तीनों को मिलाकर विकास की नई गति तैयार करनी है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देश का युवा न सिर्फ इस लक्ष्य को हासिल करने में सबसे बड़ा योगदान देगा, बल्कि विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी भी होगा।

उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और खेलो इंडिया का जिक्र करते हुए युवाओं से बड़े सपने देखने और नेतृत्व करने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि युवा अपने सपनों के साथ आगे आएं और सरकार संसाधनों की कमी नहीं होने देगी। उन्होंने सस्ते डेटा को भी युवाओं की नई ताकत से जोड़ा।

ये भी पढ़ें: भारत के ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में अब दिखेगा प्राइवेट सेक्टर का दम, HAL ने BEML-अडानी से मिलाया हाथ

जनगणना में सही जानकारी देने की पीएम मोदी ने की अपील

पीएम मोदी ने देश में चल रही जनगणना का भी जिक्र किया। उन्होंने नागरिकों से अपनी जानकारी सही और पूरी तरह उपलब्ध कराने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि,

जनगणना सिर्फ आंकड़े जुटाने का काम नहीं है। इसके आधार पर भविष्य की योजनाएं और देश के विकास की दिशा तय करने में मदद मिलती है।

उन्होंने बताया कि लोग अपनी जानकारी डिजिटल तरीके से भी दर्ज कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जितनी सटीक जानकारी उपलब्ध होगी, उतनी बेहतर तरीके से देश के लिए योजनाएं तैयार की जा सकेंगी। इससे सरकारी व्यवस्था के समय और संसाधनों की भी बचत हो सकती है।

युवाओं से योगदान और आत्मनिर्भरता पर पीएम मोदी का जोर

युवाओं से प्रधानमंत्री ने देश के लिए समय देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि,

अगर नौजवान अपने जीवन के एक या दो घंटे देश के काम के लिए देते हैं तो इससे देश को बड़ी शक्ति मिल सकती है।

महिला शक्ति को लेकर भी पीएम मोदी ने राजनीतिक दलों से अपील की। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि,

महिलाओं को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व जल्द मिलना चाहिए। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से वे भारत के विकास में और बड़ी भूमिका निभा सकेंगी।

आत्मनिर्भरता को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि हाल के वर्षों में दुनिया ने कई बड़े संकट देखे हैं। कोरोना महामारी के बाद यूक्रेन और पश्चिम एशिया में तनाव जैसी परिस्थितियों ने कई देशों के सामने मुश्किलें खड़ी कीं।

उन्होंने पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर, दवाइयों और तकनीक जैसे जरूरी संसाधनों का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के दौर में आत्मनिर्भरता की जरूरत साफ दिखाई दी। प्रधानमंत्री के मुताबिक अगर भारत आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ता तो ऐसी परिस्थितियों का सामना करना और मुश्किल हो सकता था।

ये भी पढ़ें: भारत-चीन सीमा पर फिर हुई बड़ी बातचीत, LAC से नदी डेटा तक कई अहम मुद्दों पर बनी सहमति

सुरक्षा के लिए बनेगा बड़ा सिविल डिफेंस नेटवर्क

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि,

सुरक्षा की चुनौती अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है। तेल रिफाइनरी, बैंकिंग और दूसरे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा भी जरूरी है।

नक्सलवाद और माओवादी विचारधारा का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि,

हथियार उठाने वाले नक्सलियों के खिलाफ देश को सफलता मिली है, लेकिन हिंसा को बढ़ावा देने वाली सोच को भी पहचानना जरूरी है।

उन्होंने सुरक्षित भारत को देश की जिम्मेदारी बताया। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने देश में एक बड़े सिविल डिफेंस नेटवर्क के निर्माण का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि,

यह नेटवर्क आधुनिक चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा और इसमें युवाओं की बड़ी भागीदारी होगी।

पीएम मोदी ने कोरोना के दौरान सामने आई चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय देश में कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं कि वैक्सीन, पेट्रोल, गैस, डीजल या फर्टिलाइजर की कमी हो सकती है। लेकिन देश ने इन परिस्थितियों का सामना किया और जरूरी चीजों की उपलब्धता बनी रही।

‘वंदे मातरम्’ और तिरंगे का भी किया जिक्र

80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में पीएम मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि,

आज हर घर तिरंगा और हर मन तिरंगा है।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि,

भारत के सामने समय, अवसर और संकल्प तीनों मौजूद हैं। उन्होंने देशवासियों से सपनों को संकल्प में, संकल्प को सामर्थ्य में और सामर्थ्य को सफलता में बदलने की अपील की।

प्रधानमंत्री का संदेश साफ था कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की भागीदारी से पूरा होगा।

Jai Jagdamba News Whatsapp

About the Author

Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

View all articles by Veer Rai →