टाटा संस की कमाई में बड़ा उछाल! ₹31,961 करोड़ का मुनाफा, ₹4,475 करोड़ डिविडेंड की सिफारिश

Tata Sons FY26 Results: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं और इस बार कंपनी की कमाई ने सभी का ध्यान खींचा है। स्टैंडअलोन मुनाफे में करीब 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इतना ही नहीं, कंपनी के बोर्ड ने 4,475 करोड़ रुपये के डिविडेंड की भी सिफारिश की है। हालांकि, कंसोलिडेटेड मुनाफे में गिरावट देखने को मिली। ऐसे में आइए जानते हैं कि टाटा संस की वार्षिक रिपोर्ट में क्या-क्या खास रहा।
FY26 में 31,961 करोड़ रुपये पहुंचा टाटा संस का मुनाफा
टाटा संस की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 21.8 प्रतिशत बढ़कर 31,961 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यानी FY25 में कंपनी ने 26,232 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
कंपनी की कुल आय भी बढ़ी है। FY26 में टोटल रेवेन्यू 9.1 प्रतिशत बढ़कर 42,367 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 38,835 करोड़ रुपये था। इस बढ़ोतरी में 6,531 करोड़ रुपये का योगदान निवेश बेचने से हुए लाभ का भी रहा।
कंपनी की सबसे बड़ी आय माने जाने वाली डिविडेंड इनकम में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह 36,149 करोड़ रुपये से घटकर 32,528 करोड़ रुपये रह गई। इसके बावजूद निवेश बिक्री से हुए लाभ ने कुल कमाई और मुनाफे को मजबूत बनाए रखा।
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डिविडेंड में 71% की बढ़ोतरी
टाटा संस के बोर्ड ने FY26 के लिए प्रति साधारण शेयर 1,10,717 रुपये के डिविडेंड की सिफारिश की है। पिछले वित्त वर्ष में यह राशि 64,900 रुपये प्रति शेयर थी। अगर शेयरधारक इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं, तो कंपनी कुल 4,475 करोड़ रुपये का डिविडेंड देगी। यह FY25 में घोषित 2,623 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 71 प्रतिशत अधिक है।
इस दौरान कंपनी की वित्तीय स्थिति भी पहले से मजबूत हुई है। उसकी नेटवर्थ करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 1.79 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष यह 1.50 लाख करोड़ रुपये थी। कंपनी के पास मौजूद नकद और नकद समकक्ष राशि भी तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 21,841 करोड़ रुपये पहुंच गई।
FY26 के अंत यानी 31 मार्च 2026 तक टाटा संस पर किसी तरह का कोई कर्ज नहीं था। वहीं, रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी 19.11 प्रतिशत से बढ़कर 19.45 प्रतिशत हो गया।
कैसा रहा पूरे टाटा ग्रुप का प्रदर्शन?
कंसोलिडेटेड आधार पर टाटा संस का कुल राजस्व 17 प्रतिशत बढ़कर 6.61 लाख करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, इसी अवधि में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 35 प्रतिशत घटकर 26,616 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 40,985 करोड़ रुपये था। कंपनी के मुताबिक, कंसोलिडेटेड राजस्व में TCS, एयर इंडिया जैसी नियंत्रित कंपनियों की आय शामिल होती है।
वहीं टाटा स्टील जैसी एसोसिएट कंपनियों और संयुक्त उपक्रमों की आय इसमें शामिल नहीं की जाती। पूरे टाटा ग्रुप की बात करें तो वित्त वर्ष 2025-26 में समूह की कुल आय 7.8 प्रतिशत बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, कर के बाद कुल मुनाफा 51.9 प्रतिशत बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये हो गया।
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रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि FY26 के लाभ में टाटा मोटर्स के डीमर्जर और कुछ एकमुश्त मदों जैसे मार्क-टू-मार्केट बदलाव, विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव और नए श्रम कानूनों का भी असर शामिल है। दूसरी ओर, 31 मार्च 2026 तक टाटा संस के सूचीबद्ध निवेशों का बाजार मूल्य 17 प्रतिशत घटकर 11.68 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 14.01 लाख करोड़ रुपये था।
कंपनी ने इसकी वजह टाटा समूह की कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में आई बाजार गिरावट को बताया है। 31 मार्च 2026 तक टाटा ग्रुप की 26 सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 24.39 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया।




