20 साल का शानदार सफर खत्म! अजिंक्य रहाणे ने अचानक लिया बड़ा फैसला, वीडियो देखकर भावुक हुए फैंस

भारतीय क्रिकेट के एक और सुनहरे अध्याय का अंत हो गया। टीम इंडिया के भरोसेमंद बल्लेबाज और ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक गाबा जीत के नायक अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए उनके भावुक वीडियो ने लाखों क्रिकेट प्रशंसकों को भावुक कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का किया ऐलान
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि जीवन में हर शुरुआत का एक अंत होता है और जब सही समय आता है तो उस फैसले का सम्मान करना चाहिए।
रहाणे ने कहा कि बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने हमेशा सही समय की अहमियत को समझा और अब उन्हें लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई लेने का यही सही समय है। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि बचपन में अभ्यास के लिए लंबी यात्राएं करनी पड़ती थीं, लेकिन उनके मन में हमेशा एक ही सपना था, भारत की जर्सी पहनकर देश के लिए खेलना।
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देश और टीम को हमेशा रखा सबसे ऊपर
अपने संदेश में अजिंक्य रहाणे ने कहा कि उन्होंने पूरे करियर में हमेशा देश और टीम को खुद से पहले रखा। उनका मानना रहा कि अगर इरादा साफ हो तो खेल हमेशा उसका सम्मान करता है।
रहाणे ने कहा कि उन्होंने हर मैच पूरी ईमानदारी के साथ खेला और हर मौके पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट ने पिछले 20 वर्षों में काफी तरक्की की है और इस सफर का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है।
उन्होंने साफ किया कि भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका अध्याय समाप्त हो रहा है, लेकिन क्रिकेट से उनका रिश्ता खत्म नहीं होगा। आने वाले समय में वह नई पीढ़ी के खिलाड़ियों की मदद करना चाहते हैं और खेल से मिले अनुभव और मूल्यों को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
शानदार रहा अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर
अपने विदाई संदेश में अजिंक्य रहाणे ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA), अपने साथी खिलाड़ियों, कोचों, आईपीएल फ्रेंचाइजी, परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों का दिल से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें जीत के साथ हार का सामना करना भी सिखाया, लेकिन प्रशंसकों का प्यार उन्हें हमेशा मिलता रहा।
रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में टेस्ट क्रिकेट के 85 मैचों की 144 पारियों में 5,077 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 12 शतक और 26 अर्धशतक लगाए। टेस्ट क्रिकेट में उनका बल्लेबाजी औसत 38.46 रहा। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 90 मैचों में 2,962 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 20 मुकाबलों में उन्होंने 375 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल रहा।
अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास (Ajinkya Rahane Retirement) लेने के बाद रहाणे युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने और अपने अनुभव से भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने की इच्छा रखते हैं।
कप्तानी में भी छोड़ी अपनी अलग पहचान
अजिंक्य रहाणे की कप्तानी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद की जाएगी। उन्होंने टेस्ट कप्तान के रूप में कभी हार का सामना नहीं किया। उनकी कप्तानी में भारत ने चार टेस्ट मैच जीते और दो मुकाबले ड्रॉ रहे। कम से कम पांच टेस्ट मैचों में कप्तानी करने वाले भारतीय कप्तानों में उनका जीत प्रतिशत सबसे अधिक रहा।
रहाणे की कप्तानी का सबसे यादगार पल 2020-21 की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी रहा। उनकी अगुवाई में भारत ने मेलबर्न टेस्ट में शानदार वापसी की और गाबा में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ऑस्ट्रेलिया के लंबे समय से चले आ रहे अजेय रिकॉर्ड को खत्म किया। भारत ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी। इसके अलावा उन्होंने 2017 में धर्मशाला टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और 2018 में अफगानिस्तान के खिलाफ भी भारतीय टीम को जीत दिलाई।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई के बाद अब अजिंक्य रहाणे युवा खिलाड़ियों को अपना अनुभव देने की तैयारी में हैं। हालांकि मैदान पर उनकी शांत बल्लेबाजी और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालने वाली पारियां भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की यादों में हमेशा जिंदा रहेंगी।




