किसानों, खिलाड़ियों और ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी सौगात! कैबिनेट ने एक साथ लिए तीन बड़े फैसले, जानिए किसे क्या मिलेगा

देश के करोड़ों किसानों, खिलाड़ियों और ऊर्जा क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार ने एक साथ तीन बड़े फैसले लिए हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही समुद्र में तेल और गैस की खोज के लिए 84,084 करोड़ रुपये की ‘समुद्र मंथन’ योजना और खेलो इंडिया कार्यक्रम के विस्तार को भी हरी झंडी मिल गई है।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से किसानों को आर्थिक सहायता मिलती रहेगी, देश में ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
2031 तक बढ़ी PM-KISAN योजना
केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने (PM-KISAN Scheme Extension) का फैसला किया है। इसके लिए सरकार ने 3,15,614 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि,
योजना अब वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रहेगी। 24 फरवरी 2019 को शुरू हुई इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह राशि तीन बराबर किस्तों में 2,000-2,000 रुपये करके डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है। योजना के विस्तार से किसानों को आने वाले वर्षों में भी यह सहायता मिलती रहेगी।
84,084 करोड़ के ‘समुद्र मंथन’ योजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना ‘समुद्र मंथन’ को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर 84,084 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार,
इस पहल का उद्देश्य समुद्र में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज को तेज करना और घरेलू उत्पादन बढ़ाना है।
अनुमान है कि इससे 600 मिलियन मीट्रिक टन ऑयल इक्विवेलेंट (MMTOE) से अधिक नए भंडार मिलने की संभावना बनेगी। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को मजबूती मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
खिलाड़ियों के लिए नई सुविधाओं का होगा विस्तार
केंद्रीय कैबिनेट ने खेलो इंडिया योजना के विस्तारित स्वरूप को भी मंजूरी दे दी है। अगले पांच वर्षों में इस योजना पर 29,054 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को सहायता देने के लिए 7,387 करोड़ रुपये का अलग प्रावधान किया गया है। दोनों योजनाओं का कुल बजट 36,441 करोड़ रुपये होगा।
सरकार का कहना है कि,
यह खेलों के विकास के लिए आजादी के बाद का सबसे महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करना और भारत को वैश्विक खेल शक्ति के रूप में स्थापित करना है।
सरकार 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में भी काम कर रही है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा फायदा
सरकार ने स्कूल स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए ‘खेलो इंडिया फीडर स्कूल’ (KIFS) और ‘खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय’ (KIUV) शुरू करने का फैसला किया है। इन पहलों के जरिए शिक्षा और खेल को साथ जोड़ते हुए कम उम्र से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा राष्ट्रीय खेल महासंघों को आधुनिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, अत्याधुनिक उपकरण, विदेशी विशेषज्ञों की सेवाएं, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी और कोचिंग शिविरों के लिए सहायता मिलेगी। महिला खिलाड़ियों, पैरा एथलीटों और स्वदेशी खेलों को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार एक एकीकृत डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म भी तैयार करेगी, जहां खिलाड़ियों का डाटाबेस, प्रतियोगिताएं, कोचिंग संसाधन, प्रतिभा मूल्यांकन, फंडिंग और फिट इंडिया कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होगी। इससे खिलाड़ियों के विकास और खेल प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।




