बक्सर: विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के खिलाफ बढ़ा विरोध, एमवी कॉलेज में तीसरे दिन भी गूंजे सरकार विरोधी नारे

बक्सर के महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के विरोध में शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों का आंदोलन गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। कॉलेज परिसर में कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और सरकार से प्रस्तावित कानून पर दोबारा विचार करने की मांग उठाई।
शिक्षकों-कर्मचारियों में क्यों है नाराजगी?
बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यभर में प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी आंदोलन के तहत बक्सर स्थित महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में भी शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं।
गुरुवार, 13 अगस्त को आंदोलन के तीसरे दिन कॉलेज परिसर में बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी एकत्र हुए। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित अधिनियम के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन (Buxar MV College Protest) के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों ने अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं।
आंदोलन में महाविद्यालय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष डॉ. रवि प्रभात के साथ कॉलेज के सभी शिक्षक मौजूद रहे। वहीं शिक्षकेतर कर्मचारी संघ की सचिव शांति कुमारी देवी के नेतृत्व में सभी शिक्षकेतर कर्मचारी भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
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कॉलेज परिसर में काफी देर तक होती रही नारेबाजी
विरोध-प्रदर्शन के दौरान महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय का परिसर काफी देर तक नारों से गूंजता रहा। शिक्षकों और कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए सरकार के प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के प्रति अपना विरोध जताया।
आंदोलन में शामिल शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि उनके हितों से जुड़े मुद्दों और प्रस्तावित अधिनियम को लेकर उठाई जा रही आपत्तियों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी ऐसे प्रावधान की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए, जिसका असर विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों पर पड़ सकता है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों में आंदोलन को लेकर एकजुटता साफ दिखाई दी। संघर्ष मोर्चा के निर्देश के अनुसार विरोध को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में कॉलेज में तीसरे दिन भी प्रदर्शन किया गया।
आगे भी जारी रहेगा आंदोलन, अगले निर्देश का इंतजार
महाविद्यालय शिक्षक संघ और शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को लेकर उनका विरोध फिलहाल जारी रहेगा। संघर्ष मोर्चा के अगले निर्देश के आधार पर आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
शिक्षकों और कर्मचारियों ने कहा कि,
उनके हितों से जुड़े विषयों पर सरकार को उनकी मांगों और आपत्तियों को गंभीरता से सुनना चाहिए।
आंदोलनकारियों ने प्रस्तावित अधिनियम पर पुनर्विचार की मांग भी दोहराई।
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गुरुवार को हुए प्रदर्शन के साथ ही कॉलेज में चरणबद्ध आंदोलन का तीसरा दिन पूरा हुआ। इस दौरान शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी एक साथ नजर आए और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। कॉलेज शिक्षक संघ एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने संकेत दिया कि जब तक संघर्ष मोर्चा की ओर से अगला निर्देश नहीं मिलता, तब तक आंदोलन की आगे की दिशा उसी के अनुसार तय की जाएगी।

