भारत में गैस संकट की आहट? पश्चिम एशिया तनाव के बीच सरकार ने बताई असली सच्चाई

West Asia Crisis Impact on India
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत पर भी दिखने लगा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में LPG की कमी हो सकती है? सरकार का दावा है कि पेट्रोल-डीजल पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन गैस सप्लाई पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में आम लोगों के मन में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। जानिए इस संकट का भारत पर कितना असर है और सरकार हालात को कैसे संभाल रही है।

पेट्रोल-डीजल में राहत, लेकिन LPG को लेकर बढ़ी चिंता

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच जहां एक तरफ पेट्रोल और डीजल को लेकर राहत की खबर है, वहीं LPG को लेकर थोड़ी चिंता जरूर बढ़ी है। सरकार का कहना है कि देश के लिए कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जिससे कहीं भी पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है।

हालांकि, LPG के मामले में स्थिति थोड़ी अलग है क्योंकि करीब 60 प्रतिशत गैस आयात उन्हीं इलाकों से होता था जो अभी संकट में हैं। यही वजह है कि सप्लाई पर दबाव (West Asia Crisis Impact on India) बना हुआ है।

सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने की कोशिश की है, लेकिन तकनीकी सीमाओं के कारण पूरी कमी पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आम लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।

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18 करोड़ सिलेंडर डिलीवर, कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन

सरकार के मुताबिक 1 मार्च 2026 से अब तक 18 करोड़ से ज्यादा LPG सिलेंडर देशभर के घरों तक पहुंचाए जा चुके हैं, जिससे सप्लाई सिस्टम मजबूत बना हुआ है। खास बात यह है कि अब करीब 97 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हो रही है और 90 प्रतिशत डिलीवरी OTP के जरिए वेरिफाई की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और गड़बड़ी पर लगाम लगी है।

वहीं छोटे उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर की सुविधा भी बढ़ाई गई है और 23 मार्च के बाद से 6.75 लाख से ज्यादा ऐसे सिलेंडर बिक चुके हैं।

दूसरी तरफ सरकार काला बाजारी पर भी सख्त नजर बनाए हुए है। देशभर में एक लाख से ज्यादा छापेमारी कर करीब 52,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं, 850 से ज्यादा FIR दर्ज हुई हैं और 220 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई डिस्ट्रीब्यूटर्स के लाइसेंस तक सस्पेंड कर दिए गए हैं।

गैस और अनाज को लेकर राहत

पश्चिम एशिया संकट के बीच भी आम लोगों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने साफ किया है कि घरेलू PNG और वाहनों के लिए CNG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है, यानी रोजमर्रा की जिंदगी पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा। वहीं उर्वरक बनाने वाले प्लांट्स को भी अब करीब 90 प्रतिशत गैस मिल रही है, जिससे खेती पर कोई बड़ा असर नहीं होने वाला।

दूसरी तरफ खाद्य सुरक्षा को लेकर भी स्थिति मजबूत है। देश में इस समय करीब 602 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल का स्टॉक मौजूद है। अच्छी बात यह है कि बाजार में कीमतें भी नियंत्रण में हैं और दाल, तेल व चीनी जैसी जरूरी चीजों की कोई कमी नहीं है। कुल मिलाकर हालात फिलहाल काबू में हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

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भारतीय जहाज सुरक्षित, हजारों नागरिकों की वापसी

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। समुद्री रास्तों पर लगातार नजर रखी जा रही है और हाल ही में दो भारतीय LPG जहाज सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। फिलहाल इस क्षेत्र में 16 भारतीय जहाज काम कर रहे हैं, जिनमें 433 भारतीय नाविक मौजूद हैं और अच्छी बात यह है कि पिछले 24 घंटों में किसी भी जहाज के साथ कोई घटना नहीं हुई।

वहीं, विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 1,777 भारतीयों को ईरान से सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें 895 छात्र भी शामिल हैं। सरकार ने साफ किया है कि हालात पर नजर बनी हुई है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे, साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर गैस या ईंधन की ज्यादा खरीदारी न करें।

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